हाफिज सईद पर दावों और बयानों से नहीं चलेगा काम: भारत

नई दिल्ली( 2 फरवरी ): जमात-उद-दवा के सरगना और मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद पर पाकिस्तान द्वारा लिए गए एक्शन की खबरों के बाद गुरुवार भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा है कि हम दावों और बयानों को नहीं मानेंगे। हमें जमीन पर काम दिखना चाहिए।

विकास स्वरूप से जब पूछा गया कि हाफिज पर पाकिस्तान के एक मंत्री ने और सबूत मांगे हैं तो उन्होंने जवाब दिया, 'मुंबई अटैक की साजिश पाकिस्तान में रची गई। आतंकवादी वहां से भारत आए। उनको सपोर्ट पाकिस्तान ने दिया। हाफिज सईद ने भी माना है कि उसने भारत के खिलाफ कई आतंकवादी हमलों को अंजाम दिया है। हाफिज के खिलाफ सबूत ढूंढने के लिए सिर्फ राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत है।'

पाक सेना का यह बयान सामने आ चुका है कि हाफिज के खिलाफ ऐक्शन देशहित में है। इसके अलावा पाक ने भारतीय सैनिक चंदू बाबूलाल चव्हाण को भारत को सौंपा है। क्या ये कदम पाक की नरमी दिखाते हैं? इस सवाल पर प्रवक्ता ने कहा कि हम पाकिस्तान के मानवीय कदमों का स्वागत करते हैं, लेकिन हमारा रुख साफ है कि जब पाक आतंकवाद को सपोर्ट बंद करेगा तभी बातचीत हो सकती है।

क्या पाकिस्तान से फैलाए जा रहे आतंकवाद पर अमेरिका से कोई बात हुई है, इस सवाल पर विकास स्वरूप ने कहा, 'ट्रंप प्रशासन के साथ उच्च स्तर पर बातचीत हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ट्रंप बात कर चुके हैं। विदेश सचिव और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बात कर चुके हैं। स्वाभाविक है कि सारे मुद्दों पर बात हुई, द्विपक्षीय के साथ क्षेत्रीय मसलों पर भी।'

विकास स्वरूप के मुताबिक, 'व्हाइट हाउस ने टॉप लीडरशिप की बातचीत के बाद इसे माना भी था। हमें भरोसा है कि सीमा पर से फैलाए जा रहे आतंकवाद पर हमारे रुख की अमेरिका को जानकारी होगी और पाकिस्तान को भी पता होगा कि उसको क्या करना है।'