पाकिस्तान दोस्त नहीं बल्कि बड़ा खतरा- अमेरिकी थिंक टैंक

नई दिल्ली (6 जून): अमेरिका से पाकिस्तान को सबसे बड़ी चेतावनी मिली है। अमेरिका के थिंक टैंक मानी जाने वाली संस्था द सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज यानी CSIS ने पाकिस्तान को दोस्त से ज्यादा खतरा बताया है। संस्था ने पाकिस्तान को आतंक का गढ़ बताया है। एंथनी एच कोर्ड्समैन की अध्यता वाली समिति ने जारी रिपोर्ट में कहा है कि पाकिस्तान आज भी तालिबान और हक्कानी नेटवर्क की पनाहगाह बना हुआ है। संस्था ने ट्रंप प्रशासन को सलाह दी है कि अगर पाकिस्तान तालिबान की मदद करना बंद नहीं करता तो उस पर बैन लगाया जाए। उसकी दी जा रही आर्थिक मदद बंद की जाए। गौरतलब है कि जबसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जबसे अमेरिका की बागडोर संभाली है तब से उनका रवैया भी पाकिस्तान के खिलाफ सख्त रहा है। ऐसे में थिंक टैंक संस्था CSIS ने पाकिस्तान को लेकर जो कहा है उसका ट्रंप की विदेश नीति पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।


काबुल हमले के पीछे पाकिस्तानी आतंकियों का हाथ... पिछले दिनों अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में बड़ा हमला हुआ था। इस हमले में करीब 100 लोग मारे गए थे। इस हमले के पीछे अफगानिस्तान की सरकार ने पाकिस्तान का हाथ होने की बात कही थी। अफगानिस्‍तान के राष्‍ट्रपति अशरफ गनी ने एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कहा कि उनका देश पाकिस्‍तान से एक 'अघोषित युद्ध' झेल रहा है। पाकिस्तान तालिबान-प्रायोजित आतंकवाद को मंच प्रदान कर रहा है। अब CSIS की रिपोर्ट ने भी अस बात पर मोहर लगा दी है।


लंदन हमले में पाकिस्तान कनेक्शन... लंदन में आतंकी हमले को अंजाम देने वाले तीन आतंकियों में से पाकिस्तानी मूल व्यक्ति था। अब्ज के तौर पर पहचाना गया यह शख्स बाकी आतंकियों का सरगना था।  एक स्थानीय अखबार के अनुसार 27 साल का अब्ज पूर्वी लंदन में बार्किंग का रहने वाला था। शनिवार की रात जब पुलिस ने हमलावरों को मार गिराया तो अब्ज जमीन पर लेटा दिखाई दिया। दरअसल हमलावरों की फोटो देखने के बाद अब्ज के पड़ोस में रहने वाले लोगों ने उसे पहचाना और इस बारे में पुलिस को बताया। हमलावरों में से अभी तक सिर्फ अब्ज की पहचान हो सकी है।


पाकिस्तान के कई हिस्से आतंक की पनाहगाह... अमेरिकी विदेश विभाग ने एक रिपोर्ट में कहा कि वजीरिस्तान, बलूचिस्तान और फाटा सहित अफगानिस्तान की सीमा से लगे पाकिस्तान के कई इलाके आतंकवादियों के लिए सुरक्षित शरणस्थली बने हुए हैं। विदेश विभाग की आतंकवाद पर वार्षिक रिपोर्ट 2015 में कहा गया है कि पाकिस्तान के संघीय प्रशासित कबायली क्षेत्र (फाटा), पूर्वोत्तर खैबर पख्तूनख्वाह और दक्षिण-पश्चिम बलूचिस्तान उन आतंकवादियों के लिए पनाहगाह बने हुए हैं जो स्थानीय, क्षेत्रीय और वैश्विक हमलों की फिराक में रहते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि हक्कानी नेटवर्क, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान, लश्कर-ए-झंगवी और दूसरे आतंकवादी समूह पाकिस्तान और पूरे क्षेत्र में अपनी गतिविधियों की योजना के लिए इन पनाहगाहों का फायदा उठाते हैं।


अमेरिका ने पाकिस्तान को मिल रही 70 फीसदी मदद घटा दी-

    * अमेरिका 2011 से पाक को 350 करोड़ डॉलर की सालाना मदद दे रहा था।

    * पांच साल में यानी 2007 के बाद यह मदद 70% तक घटा दी गई है।

    * अमेरिका का कहना है कि पाकिस्तान तालिबान को सपोर्ट कर रहा है।

    * जिसके चलते अमेरिकी और नाटो फौजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

    * पाक इस पैसों का इस्तेमाल हकीकत में तालिबान के खिलाफ नहीं करता।

    * बल्कि पैसों का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों में करता रहा है।


सैन्य मदद...

2011 : 8700 करोड़ रुपए

2015 : 2200 करोड़ रुपए

मई 2016 में F16 सौदा भी हुआ था रद्द


आर्थिक सहायता...

2011 : 8000 करोड़ रुपए

2015 : 3700 करोड़ रुपए

2002 से 2015 तक 93900 करोड़ रुपये मिले पाकिस्तान को


पाकिस्तान पर अमेरिका क्यों है इतना सख्त...

    * यह पहला ऐसा मौका है जब पाकिस्तान को अमेरिका ने सुनाई खरी-खरी।

    * अमेरिका ने सार्वजनिक तौर पर पाकिस्तान पर बैन लगाने की बात कही है।

    * पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आने वाले लोगों की होगी कड़ी निगरानी।

    * राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने प्रेसिडेंशियल कैम्पेन के दौरान पाक को खतरनाक मुल्क बताया था।

    * ट्रंप ने कहा था कि पाकिस्तान ने 9/11 के बाद अमेरिका को कई बार धोखा दिया है।

    * ट्रंप ने कहा था कि राष्ट्रपति बनने के बाद पाकिस्तान को हर गलती के लिए सजा देंगे।

    * इससे अनुमान पहले ही लगाया गया था कि वे पाक के मामले में कड़ा फैसला कर सकते हैं।

    * अमेरिकी साप्ताहिक समाचार पत्रिका 'न्यूजवीक'के मुताबिक भारत के पक्ष में मजबूती से खड़े हैं ट्रंप।

    * डोनाल्ड ट्रंप ने कैम्पेन में मोदी को महान शख्सियत और खुदको हिंदुओं का फैन बताया था।

    * डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी की तरह नारा भी दिया था अबकी बार ट्रम्प सरकार।


अमेरिका करोड़ों डॉलर लुटा चुका है पाक पर, अमेरिकी सांसद उठा चुके विरोध के स्वर...

    * अमेरिकी सांसद कहते रहे हैं कि आतंकवाद के खिलाफ वॉर में हम करोड़ों डॉलर बर्बाद कर चुके हैं।

    * हमने पाकिस्तान को जितना दिया, वो काफी ज्यादा था, उसे अब कई अन्य सोर्स जैसे चीन से मदद मिल रही है।

    * कांग्रेस सदस्य और सदन की विदेशी मामलों की उप समिति के अध्यक्ष टेड पो पाकिस्तान से जता चुके हैं अपनी नाराजगी।

    * कांग्रेस की विदेश मामलों की एशिया और प्रशांत उपसमिति के अध्यक्ष मैट सैल्मन तो यहां तक कह चुके हैं कि पाकिस्तान हमें मूर्ख बना रहा है।

    * चीन पाकिस्तान में 30 हजार करोड़ रुपए के एनर्जी और इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है।