पाकिस्तान को ऐसे बर्बाद करेंगे मोदी, जानें MFN से पाक को क्या होते हैं फायदे...

नई दिल्ली (28 सितंबर): भारत की कूटनीति पाकिस्तान को पूरी दुनिया में अलग-थलग करने की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल एक बैठक बुलाई है, जिसमें पाकिस्ताक को मिलने वाले मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा खत्म करने पर मंथन होगा। मतलब, पाकिस्तान को आर्थिक रुप से भी पंचर करने की पूरी तैयारी हो चुकी है।

पाकिस्तान ने भारत की दरियादिली देखी है, लेकिन अब दिल्ली ने इस्लामाबाद को हर मोर्चे पर 440 वोल्ट का झटका देने की पूरी तैयारी कर ली है। गुरुवार को पीएम मोदी ने एक अहम बैठक बुलाई है, जिसमें पाकिस्तान को दिए गए मोस्ट फेवर्ड नेशन स्टेटस की समीक्षा होगी।

सबसे पहले आपको बताते हैं कि मोस्ट फेवर्ड नेशन का मतलब क्या होता है और इससे पाकिस्तान को क्या फायदा होता है?

पहला फायदा: कारोबार में पाकिस्तान को स्पेशल छूट मिलती है। दूसरा फायदा: पाकिस्तान सबसे कम आयात शुल्क पर भारत में कारोबार करता है। तीसरा फायदा: WTO यानी विश्व व्यापार संगठन के सदस्य देश खुले व्यापार और बाजार के नियम से बंधे हैं। लेकिन मोस्ट फेवर्ड नेशन के नियमों के हिसाब से पाकिस्तान को खास छूट मिलती है।

भारत और पाकिस्तान के बीच सीमेंट, चीनी, ऑर्गेनिक केमिकल, सब्जी, फल, ड्राई फ्रूट्स और स्टील जैसी चीजों का कारोबार होता है। हिंदुस्तान ने पाकिस्तान को बीस साल पहले ही मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा दिया, जिसकी लगातार मलाई पाकिस्तान खा रहा है।

अब आपको बताते हैं कि भारत ने अगर पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा छिन लिया तो इससे पाकिस्तान की आर्थिक सेहत पर क्या असर पड़ेगा?

पहला नुकसान: पाकिस्तान को कारोबार में स्पेशल छूट नहीं मिलेगी। दूसरा नुकसान: कारोबार करने के लिए ज्यादा आयात शुल्क देना होगा। तीसरा नुकसान: WTO नियमों के हिसाब से खुले व्यापार और बाजार की पॉलिसी लागू होगी।

अगर भारत पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का स्टेटस खत्म कर देता है तो पाकिस्तान के पास हिंदुस्तान से कारोबार बंद करने का ही रास्ता बचेगा। क्योंकि पाकिस्तान को हिंदुस्तान में अपना माल बेचने के लिए मोटा आयात टैक्स चुकाना होगा।

पाकिस्तान की नीयत शुरू से ही इतनी खराब रही है कि उसने आज तक भारत को मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा नहीं दिया है? अब भारत पाकिस्तान को कारोबार के मोर्चे पर भी पैदल करने की रणनीति पर आगे बढ़ रहा है।