यहां भी पाकिस्तान ने मुंह की खायी, भारत को देने चला था चुनौती

नई दिल्ली (7 फरवरी): भारत के साथ कदम-कदम पर दुश्मन की तरह व्यवहार करने वाले पाकिस्तान को एक बार फिर मुंह की खानी पड़ी है। दरअसल, पाकिस्तानबासमती चावल के मामले में भारत को झटका देना चाहता था, लेकिन उसी को बड़ा झटका लगा है। पाकिस्तान ने   इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी अपीलेट बोर्ड (आईपीएबी) ने उसके बासमती चावल को जीआई (जिऑग्रफिकल इंडिकेशन) टैग देने की अपील खारिज कर दी है। अब भारत की बासमती को जीआई टैग मिल सकता है।

लाहौर स्थित पाकिस्तान की बासमती ग्रोवर्स असोसिएशन (बीजीए) ने भारतीय संस्था एपीडा (कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण) के ऐप्लिकेशन को चुनौती देने के लिए आईपीएबी का रुख किया था। एपीडा ने भारत के 7 राज्यों- पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड में उगाए जाने वाले बासमती चावल के लिए जीआई टैग की मांग की थी।

बीजीए ने भारत की बासमती को समग्रता में जीआई टैग दिए जाने का विरोध किया था। उसने दलील दी कि चेन्नै में जीआई के असिस्टेंट रजिस्ट्रार ने मध्य प्रदेश के इलाकों में उपजाए जाने वाले चावल की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। आईपीएबी ने इन दलीलों को खारिज कर दिया और कहा कि बीजीए नियमों का पालन करने में असफल रहा है। किसी जीआई टैग को कृषि, प्राकृतिक या निर्मित चीजों के लिए जारी किया जा सकता है। इसके लिए इनके अपने भौगोलिक मूल से संबंधित कोई खास बात, गुणवत्ता या अन्य खासियत होनी चाहिए।