"सिंधु के पानी को पाकिस्तान आने से रोकना युद्ध जैसा होगा"

नई दिल्ली (27 सितंबर): सिंधु जल समझौते को भारत की तरफ से रद्द करने की चर्चाओं से पाकिस्तान घबरा गया है। पाकिस्तानी पीएम नवाज़ शरीफ के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अज़ीज़ ने समझौते को लेकर बयान दिया है। अज़ीज़ ने कहा है कि कोई देश अकेले समझौते को रद्द नहीं कर सकता। भारत-पाक दोनों समझौते को मानने के लिए बाध्य हैं। सिंधु के पानी को पाकिस्तान आने से रोकना आर्थिक आतंकवाद और युद्ध सरीखा होगा।

सरताज अजीज ने नेशनल एसेंबली को बताया कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत भारत सिंधु जल समझौते से एकतरफा तरीके से नहीं हट सकता है। करगिल और सियाचीन युद्ध के दौरान भी इस समझौते को स्थगित नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि अगर भारत सिंधु जल समझौते का उल्लंघन करता है तो पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को अधिकारियों के साथ बैठक के बाद कहा था कि 'पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते हैं।' बैठक में विदेश सचिव एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, प्रधान सचिव नृपेन्द्र मिश्रा समेत कई अधिकारियों ने शिकरत की थी। बैठक में सिंधु जल समझौते के प्रावधानों पर चर्चा की गई थी। गौरतलब है कि उड़ी में हुए आतंकी हमले में 18 जवानों के शहीद होने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध तल्ख चल रहे हैं।