'भारत विरोधी आतंकी संगठनों का गढ़ है कराची शहर'

नई दिल्ली(17 फरवरी): पाकिस्तान का कराची शहर भारत विरोधी जिहादी संगठनों का बड़ा अड्डा है, जिन्हें पाकिस्तानी सेना का सपॉर्ट मिला हुआ है।

- ब्रसल्स के थिंक टैंक, 'इंटरनैशनल क्राइसिस ग्रुप (ICG)' की रिपोर्ट में इस बात का दावा किया गया है।

- रिपोर्ट में कहा गया है कि कराची लश्कर-ए-तैयबा, जमात उद दावा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों का गढ़ है और यहां जिहादी बनाने के लिए मदरसों का इस्तेमाल किया जाता है।

- रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के खतरनाक आतंकी संगठन कराची शहर के संसाधनों का इस्तेमाल करते हैं। ये संगठन यहां मदरसे और चैरिटी चलाते हैं, जिस पर पाकिस्तान सरकार किसी तरह की रोक नहीं लगाती है।

- ICG की रिपोर्ट, 'पाकिस्तानः स्टोकिंग द फायर इन कराची' में बताया गया है कि कैसे सांप्रदायिक, राजनीतिक और जिहादी संगठन पाकिस्तान के शहर कराची को प्रेशर कुकर बना रहे हैं। इसमें कहा गया है कि पाकिस्तान रेंजर्स इन जिहादी और आपराधिक संगठनों को 'अच्छे' जिहादी मानते हैं और इन संगठनों पर कोई कार्रवाई नहीं करते हैं।

- पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के एक सीनियर नेता को कोट करते हुए रिपोर्ट में बताया गया है, 'यहां सुपर हाइवे के समानांतर 'अच्छे तालिबान' की बस्तियां हैं।' सीनियर अधिकारियों, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं के हवाले से इस रिपोर्ट में बताया गया है कि कई जिहादी मास्टरमाइंड जो कराची छोड़कर चले गए थे, अब वे शहर को सुरक्षित महसूस करते हैं और वापस लौट आए हैं। ICG की रिपोर्ट में पाकिस्तान के एक प्रांतीय रिटायर्ड अधिकारी को कोट करके कहा गया है, 'जब पाकिस्तान और भारत में कश्मीर को लेकर तनाव बढ़ता है तो ये संगठन कराची में आ जाते हैं।'

- कराची के एक पुलिस ऑफिसर ने कहा, 'हमें कई कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, इसलिए हम कुछ नहीं कर सकते हैं। हमें विदेश नीतियों का भी ध्यान रखना पड़ता है।' रिपोर्ट में बताया गया है कि कराची में जिहादी मदरसे स्वतंत्र रूप से चलते हैं। यहां रोजगार की कमी की वजह से युवा मदरसों में चले जाते हैं, जहां इन्हें पैसे भी दिए जाते हैं। यहां के बेरोजगार लोग जिहाद को पेशे की तरह अपनाते हैं।