दुनियाभर में अलग-थलग पड़ने लगा #Pakistan, #USMedia की चेतावनी #INDIA के सब्र का इम्तेहान ना ले PAK...

नई दिल्ली (28 सितंबर): कोझिकोड़ रैली में पीएम नरेंद्र मोदी की पाकिस्तान को चेतावनी और संयुक्त राष्ट्र महासभा में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज अ पाक को अलग-थलग करने की अपील का असर दुनियाभर में दिखने लगा है। भारत ने पाकिस्तान में आयोजित होने वाली SAARC समिट से खुद को अलग क्या किया एक-एक करके सभी देश सार्क सम्मेलन का बॉयकॉट करने लगे हैं। पहले बांग्लादेश फिर भूटान और अब अफगानिस्तान ने 19वें SAARC शिखर सम्मेलन में भाग नहीं लेने का फैसला किया है। वहीं अमेरिकी मीडिया पाकिस्तान की कड़े शब्दों में आलोचना कर रहा है। अमेरिका के प्रतिष्ठित अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल ने लिखा है "भारत के सब्र का लंबे समय तक इम्तेहान न ले पाकिस्तान नहीं तो एक अछूत देश की तरह अलग-थलग पड़ जाएगा"। 

SAARC समिट को लेकर किस देश ने क्या कहा... - पाकिस्तान में होने वाली SAARC समिट में हिस्सा नहीं लेगा बांग्‍लादेश, भूटान और अफगानिस्तान कहा, माहौल सही नहीं है। - बांग्‍लादेश और भूटान ने वर्तमान में दक्षेस की अध्यक्षता कर रहे नेपाल को पत्र भेजकर भाग लेने की असमर्थता जाहिर की।  - अफगानिस्तान पहले भी आतंकवाद का हवाला देते हुए पाकिस्तान को अलग-थलग करने के लिए SAARC का बहिष्कार करने का आहवान कर चुका है।  - बंगलादेश सरकार ने भी कहा एक देश द्वारा आंतरिक मामलों में बढ़ती दखलअंदाजी से ऐसा माहौल बन गया है।  - बंगलादेश सरकार आधिकारिक तौर पर कहा है कि बंगलादेश क्षेत्रीय सहयोग और संबंध की अपनी प्रतिबद्धता पर अडिग है  - लेकिन साथ ही उसका मानना है कि सौहार्दपूर्ण माहौल में ही ये चीजें आगे बढ़ सकती हैं लेकिन मौजूदा प्रस्थितियां इसके अनुकूल है। - ऐसे में बंगलादेश  इस्लामाबाद में प्रस्तावित 19वें SAARC शिखर सम्मेलन में भाग नहीं ले सकता। - भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त सैयद मुअज्जिम ने कहा, पाकिस्तान सार्क देशों का हिस्सा है और इसे शांति बनाए रखने में सहयोग देना होगा। - SAARC शिखर सम्मेलन को लेकर श्रीलंका और नेपाल का रुख अभी साफ नहीं है, लेकिन माना जा रहा है दोनों देश भी भाग लेने से मना कर सकते हैं।

अमेरिकी मीडिया ने माना,भारत के सब्र का इम्तेहान ले रहा है पाक... उरी हमले के बाद पाकिस्तान के अड़ियल रूख पर अमेरिकी मीडिया भी सख्त लहेजे में टिप्पणी कर रहा है। अमेरिका के प्रतिष्ठित अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल ने लिखा है कि पाकिस्तान भारत के सब्र का लंबे समय तक इम्तेहान नहीं ले सकता। पीएम मोदी अभी संयम बरत रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान लगातार इसे हल्के में लेने की गलती न करे। यदि पाकिस्तान ने सहयोग का मोदी का प्रस्ताव ठुकरा दिया तो यह पाकिस्तान को पहले से भी अधिक अछूत राष्ट्र बनाने की दिशा में एक कदम होगा। अखबार ने आगाह किया यदि सेना सीमा पार हथियार एवं आतंकी भेजना जारी रखती है तो भारत के प्रधानमंत्री के पास कार्रवाई करने के लिए मजबूत स्पष्टीकरण होगा।

- वॉल स्ट्रीट जर्नल ने मंगलवार को लिखा मोदी लगातार सुलह की कोशिशें कर रहे हैं लेकिन पाक आगे बढ़ने को तैयार नहीं है। - अगर पाकिस्तान मोदी के सहयोग के ऑफर को ठुकराता है तो वह वैश्विक बिरादरी में अलग-थलग पड़ जाएगा, अभी भी पाकिस्तान के हालत कुछ ऐसे ही हैं।  - पाकिस्तानी मिलिट्री सीमा पार से भारत में हथियार और आतंकी भेजती रहती है तो मोदी को कड़ी कार्रवाई करने के लिए मजबूत स्पष्टीकरण होगा। - यूएस मीडिया ने इस संबंध में पीएम मोदी की जमकर तारीफ की लिखा पाक पर हमला करने की जगह वे इसे इंटरनेशनल लेवल पर लाए हैं। - भारत ने पाकिस्तान को दुनियाभर में अलग-थलग करने की पॉलिसी अपनाई है। - भारत ने इस तरह की विपरीत परिस्थितियों में हमेशा से ही संयम का परिचय दिया है, चाहे सरकार कांग्रेस की हो या भाजपा की। - लेकिन पाकिस्तान हमेशा से ही आतंकवाद को खत्म करने के प्रति अपनी जिम्मेदारी से बचता आया है।