अफगानिस्तान बॉर्डर पर केमिकल हथियारों का इस्तेमाल कर रहा PAK, पर्रिकर बोले तैयार हैं हम

नई दिल्ली (2 मार्च): रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने दुनिया के समाने पाकिस्तान के क्रूर चेहरे को बेनकाब किया है। पाकिस्तान केमिकल वेपन्स यानी रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल कर रहा है। रक्षामंत्री ने यह खुलासा गुरूवार को DRDO के एक कार्यक्रम में किया। रक्षामंत्री ने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए अंदेशा जताया कि अफगानिस्तान और उत्तरी हिस्सों से कई ऐसी रिपोर्ट आ रही हैं, जहां मैंने तस्वीरों में देखा कि स्थानीय लोग शरीर पर चकत्ते या किसी तरह के केमिकल वेपन्स से प्रभावित नजर आते हैं। रक्षामंत्री के मुताबिक तस्वीरें विचलित करने वाली थीं। मनोहर पर्रिकर ने यह भी कहा कि वह इस वक्त इस मुद्दे की पुष्टि नहीं कर सकते, लेकिन भारत को किसी भी किस्म की जंग के लिए तैयार रहना चाहिए। देश पर न्यूक्लियर, केमिकल या बायलॉजिकल हमले का खतरा हो या न हो, लेकिन देश भविष्य में किसी भी आशंका से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

बलूचिस्तान में पाकिस्तान करता रहा है केमिकल वेपन्स का इस्तेमाल... पिछले साल अगस्त में पाकिस्तान की बलूच एक्टिविस्ट ने किया था एक चौंकाने वाला खुलासा। एक्टिविस्ट नायला कादरी ने एक टीवी चैनल पर यह दावा किया है कि पाकिस्तान इन घातक हथियारों का इस्तेमाल करके निर्दोष बलूचियों का जानवरों की तरह कत्लेआम कर रहा है। बलूच नेता नायला कादरी ने कहा,बलूचिस्तान में रोजाना 100 लोग मारे जा रहे हैं। पाक आर्मी ऐसे मार रही है कि कोई जानवरों को भी नहीं मार सकता। हमारे लोग, हमारे बच्चे मारे जा रहे हैं। रसायनिक हथियारों का इस्तेमाल हो रहा है। बलूचिस्तान के मकराना में मासूम बलूचियों की जो बॉडी मिलीं है, वो इतनी गली हुई हैं कि उनकी पहचान करना संभव नहीं। इंसान की बॉडी के साथ ऐसा तब होता है जब किसी रसायनिक हथियारों से उन पर हमला किया गया हो। गौरतलब है कि बलूचिस्तान ही वो एरिया है जहां 1998 में पाकिस्तान ने बिना किसी एतिहात बरते परमाणु धमाके किए थे। धमाके के बाद 6 साल तक यहां बारिश नहीं हुई थी। यही नहीं जो पानी था वो जहरीला हो गया।

उत्तरी वजीरिस्तान में पाक सेना ने चला रखा है ऑपरेशन 'जर्ब-ए-अज्ब'...

    * सेना उत्तरी वजीरिस्तान में जून 2014 से ऑपरेशन 'जर्ब-ए-अज्ब'चला रही है।

    * 19 महीने उसके 3400 से ज्यादा तालीबानी लड़ाके मारे गए हैं।

    * पाकिस्तान आर्मी के भी 500 अफसर और जवान शहीद हैं।

    * इसके अलावा आतंकवादियों के 837 ठिकाने नष्ट किए जा चुके हैं।

तालिबान कर रहा है ऑपरेशन 'जर्ब-ए-अज्ब' के खिलाफ हमला...

    * इसी ऑपरेशन के खिलाफ दिसंबर 2014 में तालिबान ने पेशावर के स्कूल पर हमला किया।

    * जिसमें 141 लोगों समेत 132 मासूम बच्चों की जान चली गई थी।

    * 15 मार्च 2015 को लाहौर में आतंकियों ने चर्च को निशाना बनाया, हमले में 14 की मौत 60 घायल।

    * 14 फरवरी 2015 को पेशावर की मस्जिद में नमाज के वक्त ब्लास्ट 21 की मौत, 50 से ज्यादा जख्मी।

    * 17 फरवरी को पेशवार के नजदीक सूफी संत लाल शाहबाज कलंदर की दरगाह पर हमला हुआ, 100 से ज्यादा की मौत हुई।