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IMF ने लटकाया बेलआउट पैकेज- पाकिस्तान में कभी भी छिड़ सकता है गृहयुद्ध !

आगे आने वाले दिनों में पाकिस्तान में भुखमरी, अपराध भ्रष्टाचार,सरकारी टैक्स बढ़ने और बगावती के आसार बढ़ गये हैं। यह आशंका पश्चिमी आर्थिक विश्लेषकों ने जाहिर की है। आर्थिक विश्लेषकों का कहना है कि ऐसा सिर्फ इसलिए होगा क्यों कि आईएमएफ से तेरहवें बेल आउट पैकेज में व्यवधान आ गया है

न्यूज24 ब्यूरो नई दिल्ली (15 अप्रैल): आगे आने वाले दिनों में पाकिस्तान में भुखमरी, अपराध भ्रष्टाचार,सरकारी टैक्स बढ़ने और बगावती के आसार बढ़ गये हैं। यह आशंका पश्चिमी आर्थिक विश्लेषकों ने जाहिर की है। आर्थिक विश्लेषकों का कहना है कि ऐसा सिर्फ इसलिए होगा क्यों कि आईएमएफ से तेरहवें बेल आउट पैकेज में व्यवधान आ गया है। यह व्यवधान चीन के कारण पैदा हुआ है। दरअसल, चीन बाहर से पाकिस्तान की तरफदारी भले ही करता हो लेकिन वो अंदरूनी तौर पर पाकिस्तान की मुश्कें कस कर रखता है। चीन ने पाकिस्तान से साफ कह रखा है कि उसे सीपेक प्रोजेक्ट में निवेश किये रकम का ब्याज हर हाल में चाहिए। भारत ने हाल ही में नौ बिलियन डॉलर से ज्यादा का  कम अवधि वाला कर्ज लिया है। पाकिस्तान पर चीन के साथ उन सभी देशों के कर्ज वापसी का दबाव  है।आईएमएफ, पाकिस्तान की  इस कमजोरी को जान चुका है। आईएमएफ ने पिछले हफ्ते ही कहा था कि बेलआउट पैकेज पर अगली वार्ता से पहले पाकिस्तान को अपने विदेशी कर्ज के दस्तावेज देने होंगे साथ ही यह भी बताना होगा कि वो विदेशी कर्जस की वापसी कैसे करेगा। इसके अलावा  अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने एक शर्त रख दी है कि वह लिखित में गारंटी दे कि इस मदद से वह चीन के लोन को नहीं चुकाएगा। आईएमएफ ने कहा है कि पाकिस्तान को चाइना-पाक इकॉनमिक कॉरिडोर को लेकर पारदर्शिता स्पष्ट करनी होगी। पाकिस्तान में बैलेंस ऑफ पेमेंट्स यानी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कारोबार के लिए आर्थिक संकट की स्थिति है। इस स्थिति से निपटने के लिए पाक ने आईएमएफ से 8 अरब डॉलर के आर्थिक पैकेज की मांग की है। चीन समेत कई मित्र देशों से पाकिस्तान को इस फाइनैंशल इयर में अब तक 9.1 अरब अमेरिकी डॉलर की मदद मिल चुकी है।इस महीने की शुरुआत में ही पाकिस्तान के विदेश मंत्री असद उमर ने कहा था कि जल्दी ही आईएमएफ की एक टीम इस्लामाबाद का दौरा करेगी। इसके बाद कर्ज को लेकर कोई अग्रीमेंट साइन किया जाएगा। हालांकि अब पाकिस्तान अखबार डॉन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आईएमएफ की ओऱ से मिलने वाली इस मदद में देरी हो सकती है। इसकी वजह यह है कि आईएमएफ और पाकिस्तान के बीच अब बेलआउट पैकेज की शर्तों को लेकर गहन बातचीत चल रही है। इन पर स्पष्टता के बाद ही कोई फैसला लिया जा सकेगा। अखबार के मुताबिक अब अप्रैल की बजाय मई में आईएमएफ का मिशन पाकिस्तान का दौरा करेगा।

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