दिवालिया होने के कगार पर पाकिस्तान, इमरान बोले-देश चलाने के लिए पैसे नहीं

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (10 जून): भारत का पड़ोसी देश पाकिस्तान के हालात कुछ अच्छे नहीं हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने देश के नाम संबोधन में कहा कि हमार मुल्क फिलहाल मुश्किल परिस्थियों में है और मैं सभी पाकिस्तानी से आग्रह करना चाहता हूं कि 30 जून तक अपनी संपत्ति की घोषणा कर दें ताकि वैध और बेनामी संपत्ति का फ़र्क़ पता चल सके।प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कहा कि 30 जून तक अपनी बेनामी संपत्ति, बेनामी बैंक अकाउंट, विदेशों में रखे पैसे को सार्वजनिक कर दें क्योंकि 30 जून के बाद यह मौक़ा नहीं मिलने जा रहा। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा, ''पिछले 10 साल में पाकिस्तान का क़र्ज़ छह हज़ार अरब से 30 हज़ार अरब रुपए तक पहुंच गया है। जो हम चार हज़ार अरब रुपए का सालाना टैक्स इकट्ठा करते हैं उसकी आधी रक़म क़र्ज़ों की किस्तें अदा करने में जाती हैं। बाक़ी का पैसा जो बचता है उससे मुल्क का खर्च नहीं चल सकता है। पाकिस्तानी वो कौम हैं जो दुनिया भर में सबसे कम टैक्स अदा करते हैं लेकिन उन चंद मुल्कों में से है जहां सबसे ज़्यादा ख़ैरात का बोझ है। अगर हम तैयार हो जाएं तो कम से कम हर साल 10 हज़ार अरब रुपए इकट्ठा कर सकते हैं।'' 

पाकिस्तानी पीएम ने कहा, ''मैं आप सबसे अपील करता हूं कि संपत्ति घोषित करने की जो योजना लेकर आया हूं उसमें आप सभी लोग शामिल हो जाएं। हमें ख़ुद को तब्दील करना पड़ेगा। अल्ला क़ुरान में कहता है कि हम किसी कौम की हालत नहीं बदलते जब तक कि वो कौम ख़ुद अपनी हालत नहीं बदलने को तैयार न हो। आपके पास 30 जून तक वक़्त है कि बेनामी संपत्ति सार्वजनिक कर दें। हमारी सरकार के पास वो सूचना है जो पहले किसी भी सरकार के पास नहीं थी। विदेशों में पाकिस्तानियों की संपत्ति और बैंक अकाउंट की सूचना मेरे पास है।''इमरान ख़ान ने कहा, ''हमारी एजेंसियां लगातार इस पर काम कर रही हैं और उनके पास पूरी सूचना है. किसके पास कितनी बेनामी संपत्ति है मुझे सब पता है. आपके पास 30 जून तक का वक़्त है और इसका फ़ायदा उठा लें।'' इमरान ख़ान की सरकार भयानक आर्थिक संकट से जूझ रही है। उम्मीद की जा रही है पाकिस्तान मंगलवार को तीन ट्रिलियन रुपए के घाटे का बजट पेश करेगा जबकि पिछला बजट 1.8 ट्रिलियन रुपए का था।

विशेषज्ञों का मानना है कि इमरान ख़ान पर आईएमएफ़ का दबाव है कि वो टैक्स कलेक्शन बढ़ाए और उसी के तहत इमरान ख़ान ने सोमवार को अपने नागरिकों को 30 जून तक का अल्टीमेटम दिया है।पाकिस्तान के उपर आईएमएफ से 6 अरब डॉलर कर्ज ले रखा है। इमरान खान पर दबाव है कि वो अपने देश की आर्थिक नीति आईएमएफ के शर्तों के हिसाब से बदलें। पाकिस्तान को अगले 12 महीने में 700 अरब फंड जुटाने हैं। आईएमएफ़ ने पाकिस्तान को खर्चों में कटौती और टैक्सों में बढ़ोतरी के लिए कहा है। पाकिस्तान का बजट इस मामले में ऐतिहासिक होने वाला है क्योंकि इससे उसके भविष्य की राह तय होगी। आर्थिक संकट के साथ पाकिस्तान में अमीरों और ग़रीबों के बीच की खाई भी बेतहाशा बढ़ी है।

पाकिस्तान में भीषण विषमता कराची, लाहौर और इस्लामाबाद के बाज़ार को देखकर भी समझा जा सकता है। हाल के वर्षों में इन शहरों में ऑटोमोबाइल के बेहतरीन ब्रैंड के सारे स्टोर खोले गए हैं जबकि इन शहरों से ओझल होते ही बड़ी आबादी दो जून की रोटी के लिए संघर्ष कर रही है। पाकिस्तान की पिछली मुस्लिम लीग की सरकार ने अपने आर्थिक सर्वे में बताया था कि कैसे आयात और निर्यात के बीच अंतर लगातार बढ़ता जा रहा है।

इमरान ख़ान ने अपने चुनावी अभियानों में कहा था कि वो प्रधानमंत्री बनने के बाद ख़ुदकुशी करना पसंद करेंगे लेकिन क़र्ज़ नहीं लेंगे। इमरान ख़ान प्रधानमंत्री भी बन गए और लेकिन उन्हें क़र्ज़ के अलावा कोई विकल्प नहीं दिखा। पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार कम होता जा रहा है। हाल ही में भारत में संपन्न हुए आम चुनाव में क़रीब सात अरब डॉलर खर्च हुए हैं जबकि पाकिस्तान के पास इतना विदेशी मुद्रा भंडार बचा है। निर्यात न के बराबर हो गया है और महंगाई लगातार बढ़ रही है।