इमरान खान ने फिर अलापा कश्मीर राग, कहा- भारत शांति वार्ता का इच्छुक नहीं

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (9 जनवरी): पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक बार फिर कश्मीर राग अलापा है। तुर्की की समाचार एजेंसी टीआरटी वर्ल्ड को दिए गए इंटरव्यू में उन्होंने आरोप लगाया है कि भारत शांति वार्ता प्रस्ताव पर कोई जवाब नहीं दे रहा है। दो परमाणु शक्ति संपन्न देशों के बीच युद्ध आत्महत्या के समान होगा। इंटरव्यू के हवाले से इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ ने कहा कि खान ने एक बार फिर भारत से बातचीत की इच्छा दोहराई है। पार्टी के मुताबिक दो परमाणु शक्ति वाले देशों को युद्ध के बारे में सोचना भी नहीं चाहिए। युद्ध से हमेशा दोनों देशों को नुकसान होता है। उन्होंने युद्ध को आत्महत्या जैसा कदम बताया है। इमरान खान ने कहा कि भारत कश्मीर के लोगों के अधिकार को दबाने में कभी कामयाब नहीं हो सकता। और जब भी भारत में चुनावी दौर होता है तो पाकिस्तान को मुद्दा बनाया जाता है।इमरान खान ने भारत पर पाकिस्‍तान की ओर दिए गए शांति के प्रस्‍ताव को ठुकराने का भी आरोप लगाया। इमरान ने यह भी कहा कि दोनों देश परमाणु हथियार की ताकतों से लैस हैं और ऐसे में किसी भी तरह का युद्ध उनके लिए आत्‍महत्‍या करने जैसा होगा। इमरान ने यह बात टर्की की न्‍यूज एजेंसी टीआरटी वर्ल्‍ड को दिए इंटरव्‍यू में कही है। इमरान की पार्टी पाकिस्‍तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की ओर से इस बात की पुष्टि की गई है। पार्टी ने यह भी बताया है कि इमरान ने भारत के साथ बातचीत की ख्‍वाहिश जताई है।इमरान ने कहा कि दोनों देशों के बीच शीत युद्ध भी अहितकर है। उन्होंने कहा कि, 'परमाणु ताकत से लैस दोनों देशों को युद्ध के बारे में सोचना भी नहीं चाहिए। युद्ध छोड़‍िए दोनों को शीत युद्ध तक के बारे में नहीं सोचना चाहिए क्‍योंकि हालात किसी भी पल बिगड़ सकते हैं।' उन्होंने आगे कहा है कि सिर्फ द्विपक्षीय वार्ता ही एक आखिरी रास्‍ता है। पाक प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने उनके शांति प्रस्‍ताव को ठुकरा दिया था। भारत हमेशा से यह बात कहता आया है कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं हो सकते हैं। कश्‍मीर पर भी बोले इमरान  इमरान ने कहा, 'भारत को एक कदम आगे बढ़ने का प्रस्‍ताव दिया गया था और हम भी दो कदम आगे बढ़ेंगे। लेकिन भारत ने कई बार पाक की इस पेशकश को मानने से इनकार कर दिया है।' इमरान ने यह भी कहा कि भारत कभी भी कश्‍मीर के लोगों का अधिकार नहीं छीन पाएगा। साल 2016 में हुए आतंकी हमलों और फिर सर्जिकल स्‍ट्राइक के बाद भारत-पाक के रिश्‍तों में काफी खटास है। साल 2017 में दोनों देशों के बीच किसी तरह की कोई द्विपक्षीय वार्ता नहीं हुई और रिश्‍ते और बिगड़ गए।

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