पाकिस्तान में उठी मांग, शहीद भगत सिंह को मिले सबसे बड़ा वीरता पदक

नई दिल्ली(19 जनवरी): भगत सिंह को पाकिस्तान में देश का सबसे बड़ा वीरता पदक देने की मांग की गई है। पंजाब प्रांत सरकार को दी गई एक एप्लीकेशन में भगत सिंह मेमोरियल फाउंडेशन ने ये मांग रखी है। 

- फाउंडेशन ने लाहौर के शादमान चौक पर भगत सिंह का एक स्टैच्यू लगाने की डिमांड भी की है। 

- 86 साल पहले 23 मार्च 1931 को भगत सिंह को उनके दो साथियों- राजगुरू और सुखदेव के साथ लाहौर में फांसी दी गई थी। 

- फाउंडेशन का कहना है कि भगत सिंह ने भारतीय उपमहाद्वीप को आजाद कराने के लिए अपनी जान तक दे दी, इसलिए बहादुरी के लिए उन्हें निशान-ए-हैदर दिया जाना चाहिए।

- फाउंडेशन ने तर्क दिया कि पाकिस्तान के फाउंडर मोहम्मद अली जिन्ना भी भगत सिंह को सब-कॉन्टिनेंट का सबसे बहादुर शख्स मानते थे। 

- "भगत सिंह हमारे हीरो हैं और उन्हें मेजर माज अजीज भट्टी- जो भगत सिंह को अपना हीरो मानते थे, उन्हीं की तरह वीरता का सबसे बड़े सम्मान मिलना चाहिए।" 

- बता दें कि मेजर माज अजीज भट्टी पाकिस्तान आर्मी के स्टाफ ऑफिसर थे। उन्हें अपनी बहादुरी के लिए सरकार की तरफ से निशान-ए-हैदर दिया गया था।

 - फाउंडेशन ने शादमान चौक का नाम बदलकर भगत सिंह चौक रखने की भी मांग की है। संगठन का कहना है कि जो देश अपने हीरोज को भुला देता है वो खुद भी एक गलत शब्द की तरह धरती से मिट जाता है।