'पाकिस्तान ने ही मरवाया था ओसामा बिन लादेन को'

नई दिल्ली(27 अप्रैल): अमेरिकी जर्नलिस्ट सैमूर हर्ष ने एक बार फिर कहा है कि आतंकी संगठन अलकायदा के सरगना ओसामा बिन लादेन को मरवाने में पाकिस्तानी सरकार और सेना ने अमेरिकी सेना की मदद की थी। हर्ष ने अपनी नयी किताब 'द किलिंग ऑफ ओसामा बिन लादेन' में लिखा है कि पाकिस्कतान ने सीआईए के स्टेशन ऑफिसर जौनाथन बैंक और पाकिस्तानी सेना के बीच लगातार संपर्क चल रहा था। पाकिस्तानी सेना के एक बड़े अधिकारी ने जोनाथन बैंक से खुद मुलाकात की थी और ओसामा का पता बताया था।

जब सीआईए ने ओसामा को मारने का प्लान बनाया और उसको क्रियांवित करने के बारे में पाकिस्तानी सेना के संपर्कों से चर्चा की तो उन्होंने तुरंत प्लान पर हामी भर दी। इस अमेरिकी जर्नलिस्ट की बातचीत को पाकिस्तानी अखबार 'डान' ने भी प्रकाशित किया है। 'डान' से सैमूर हर्ष ने कहा कि पाकिस्तानी सेना के फाइटर प्लेन अपनी आसमानी सीमाओं के अतिक्रमण का जवाब देने के लिए चौबीस घंटे तैयार रहते हैं। ऐसे में यह कैसे संभव है कि काबुल से उड़ान भर कर अमेरिकी चौपर एबोटाबाद में ओसामा को मार कर अपने साथ ले गये, और पाकिस्तानी एयर फोर्स सोती रही।

हर्ष ने कहा कि उस वक्त के पाकिस्तानी एयर चीफ मार्शल को पहले गुमराह किया गया फिर चुप रहने का दबाव डाला गया। उन्हें पाकिस्तानी सरकार ने रिटायरमेंट के बाद पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस के चेयरमेन पद का तौहफा दिया गया था। जब हर्ष से पूछा गया कि उनके दावे को वाशिंगटन झूठ करार दे चुका है तो हर्ष ने कहा कि अमेरिकी सरकार तो ऐसा कहेगी ही अगर मेरा दावा और सुबूत झूठे हैं तो जोनाथन बैंक उनका खण्डन क्यों नहीं करते। हर्ष ने यह भी कहा कि ओसामा को एबोटाबाद में सऊदी सरकार के कहने पर नज़रबंद करके रखा गया था।

सऊदी सरकार ने पाकिस्तान से कहा था कि अमेरिकी सेना ओसामा को किसी भी सूरत में जिंदा गिरफ्तार न करे। जब सीआईए, आईएसआई और दोनों सरकारों में इस बात पर सहमति बनी कि ओसामा को अमेरिकी एजेंट जिंदा गिरफ्तार नहीं करेंगे तभी पाकिस्तान ने एबोटाबाद ऑप्रेशन को हरी झंडी दी थी।