देश के भीतर छिड़ी लड़ाई पर हंस रहा है हमारा दुश्‍मन

आसिफ सुहाफ, श्रीनगर (23 फरवरी): पठानकोट में पाकिस्तान के पाले पोसे आतंकियों के हमला करने के सवा महीने के भीतर फिर पाक की सरजमीं पर फले फूले आतंकवादियों ने श्रीनगर के पंपोर में हमला किया। देश के पांच जवान शहीद हो गए। भारत माता के लिए एक मां ने अपने लाल को न्यौछावर कर दिया। पाकिस्तान ने दो महीने के भीतर दो-दो बार आतंकी हमला बोला है लेकिन देश में लड़ाई छिड़ी है कौन देशभक्त है, कौन देशद्रोही? सियासत व्यस्त है रोहित वेमूला के सुसाइड को लेकर दलित वोट साधने में और देश के भीतर छिड़ी इसी लड़ाई पर हंस रहा है हमारा असली दुश्मन।

देश के भीतर मची इसी हलचल का फायदा उठा रहा है पड़ोस में बैठा देश का असली दुश्मन। श्रीनगर के पंपोर में आतंकी हमला करने वाला कोई और नहीं लश्कर है। वही आतंकी संगठन जिसे कश्मीर में आजादी के नाम पर दहशत का जहर घोलने के लिए पाकिस्तान पालता है, पोसता है। उसी लश्कर के इशारे पर हुए भारत में अटैक पर हाफिज सईद तालियां पीट रहा है। 15 साल बाद पहली बार पाकिस्तान के आतंकी संगठन जमात-उद-दावा के आतंकियों ने लश्कर-ए-तैयबा के समर्थन में ट्वीट किया है। हाफिज सईद के आतंकी साथी ताहा मुनीब ने भारत को गीदड़-भभकी दी है। जमात का आतंकी ताहा मुनीब लिखता है कि अगर भारत अपने जवान कैप्टन की मौत नहीं चाहता है तो एक ही ऑप्शन है, कश्मीर से चले जाओ।

देशविरोधी जो नारे जेएनयू में लगाए जाते हैं, उनकी जड़ कश्मीर का मुद्दा है। वही कश्मीर जिसके बहाने पाक हमेशा भारत को अस्थिर रखना चाहता है और देश की मुसीबत की असली जड़ पाकिस्तान को लेकर बात ही नहीं हो रही है। जिस पाकिस्तान ने पठानकोट हमले पर एक्शन लेने की बात कही थी। वो पाकिस्तान अब मौलाना मसूद अजहर को अपनी हिफाजत में रखकर बैठा हुआ है। जिस मौलाना मसूद अजहर को गिरफ्तार करके जेल में डालना था। उस आतंकी मौलाना को पाकिस्तान सबसे सुरक्षित ठिकाने पर बैठाए हुए है।

अगर वक्त रहते अब भी घर की लड़ाई में ही सब जूझते रहे तो पड़ोस में बैठा दुश्मन फिर इस मौके का फायदा उठाएगा। जरूरत है पहले पड़ोस में बैठे दुश्मन पर नकेल कसी जाए, आखिर आधे से ज्यादा मुसीबतों की जड़ पड़ोस में ही तो है।