पाकिस्तान हुआ कंगाल, चीन से भीख मांगने को मजबूर, कभी भी हो जाएगा दिवालिया!

डॉ. संदीप कोहली,

नई दिल्ली (10 फरवरी): सूखी रोटी खाकर भी भारत को करारा जवाब देने के सपने देखने वाले पाकिस्तान की आज वाकई सूखी रोटी खाने की नौबत आ गई है... पाकिस्तान कंगाल हो गया है... दुनिया के सामने हाथ फैलाने को मजबूर हो चुका है पाकिस्तान...  आज जहां भारत दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह बना चुका है, दुनिया की फास्टेस्ट ग्रोइंग इकोनॉमी है... वहीं पाकिस्तान के सामने अपने अस्तित्व को लेकर ही खतरा पैदा हो गया है... पाकिस्तान आज उधार की अर्थव्यवस्था बन चुका है... हर साल 50 बिलियन डॉलर यानी 3 लाख 40 हजार करोड़ रुपए कर्ज चुकाना पड़ रहा है... यहां तक की कर्ज उतारने के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है... और इसका सबसे बड़ा जिम्मेदार है चीन... पाकिस्तान में चीन के बढ़ते इंवेस्टमेंट पर IMF यानी इंटरनेशनल मॉनेट्री फंड ने पिछले साल अक्टूबर में नवाज सरकार को आगाह किया था कि चीन के बढ़ते निवेश से डूब सकता है पाकिस्तान... लेकिन पाक सरकार ने IMF की चेतावनी को दरकिनार करते हुए चीनी निवेश जारी रखा... आज पाकिस्तान की हालत ये हो गई है कि बिना चीनी कर्जे के वो एक कदम आगे नहीं बड़ सकता... हाल ही में चीन ने पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए करीब 60 करोड़ डॉलर यानी 4 हजार करोड़ का कर्ज दिया था... पिछले साल दिए 70 करोड़ डॉलर यानी 4600 करोड़ रुपए कर्ज को मिलाकर कुल कर्ज 1.3 अरब डॉलर यानी 9 हजार करोड़ पहुंच गया हैं... सउदी अरब से भी पाकिस्तान 1.5 अरब डॉलर यानी 10 हजार करोड़ की सहायता ले चुका है... आइए जानते हैं कैसे कंगाली के कगार पर पहुंचा पाकिस्तान-

चीनी कंपनियों का पाक इंडस्ट्री पर कब्जा...

    * वन रोड, वन बेल्ट प्रॉजेक्ट में चीन पाकिस्तान को बेहद अहम हिस्सा मानता है।

    * मौजूदा दौर मे चीन की घरेलू इकॉनमी कमजोर पड़ती जा रही है।

    * जिसके चलते उसने विदेशी निवेश बढ़ाने की कोशिशें तेज की हैं।

    * चीन वन रोड, वन बेल्ट प्रॉजेक्ट के तहत ग्लोबल नेटवर्क तैयार करना चाहता है।

    * अब वो अपना सामान चीन की जगह उसी देश में बनाना चाहता है जहां उसे व्यापार करना है।

    * इसी कड़ी में चीनी कंपनियां पाकिस्तान में बड़े पैमाने पर जमीन खरीद रही हैं।

    * कायदे से जब किसी देश में निवेश किया जाता है तो वहां की कंपनियों से समझौता किया जाता है।

    * लेकिन चीन वहां की कंपनियों से जुड़ने की जगह अपनी नई-नई इंडस्ट्री लगा रहा है।

    * साथ ही पाकिस्तान की बड़ी-बड़ी कंपनियों का सीधा अधिग्रहण कर रहा है।

    * हाल ही में एक चीनी ने पाकिस्तान के स्टॉक एक्सचेंज में बड़ा हिस्सा लिया है।

    * इसके अलावा शंघाई इलेक्ट्रिक पावर ने पाकिस्तान की सबसे बड़ी एनर्जी फर्म K-इलेक्ट्रिक का अधिग्रहण किया है।

    * चीन की दिग्गज स्टील कंपनी बाओस्टील ग्रुप की पाकिस्तान की सरकारी स्टील कंपनी के अधिग्रहण पर बात चल रही है

कंगाल पाकिस्तान की इनसाइड स्टोरी...

    * आतंकवाद, खराब कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार, महंगाई पाकिस्तान में चरम पर है।

    * पाकिस्तान सरकार की माली हालत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है।

    * पाकिस्तान में एक लीटर दूध की कीमत भारत से दुगनी है 80 से 90 रूपए प्रति लीटर।

    * ग्रीस की तरह पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था भी उधार पर आधारित हो गई है।

    * घर खरीदना हो तो उधार लो, पढ़ाई करनी हो तो उधार लो, कर्ज की किश्त चुकानी हो तो उधार लो।

    * इसकी दो बड़ी वजह है एक इकोनॉमी को मजबूत करने से ज्यादा हथियारों पर खर्च करना।

    * दूसरा दुनियाभर से लिया गया 163 बिलियन डॉलर यानी 17 ट्रिलियन रुपये का कर्ज।

    * पाकिस्तान की 98 फीसदी आबादी टैक्स नहीं देती, यहां तक की 2/3 से ज्यादा सांसद भी टैक्स नहीं देते।

    * कुल टैक्स रेवेन्यू का 68 फीसदी अप्रत्यक्ष टैक्स से आता है, जिसके कारण और गरीबी बढ़ रही है।

    * इंग्लैंड के एक NGO का दावा है उधार के चलते आज पाकिस्तान के सामने अस्तित्व का सवाल खड़ा हो गया है।

    * रिपोर्ट के मुताबिक पिछले कई दशकों से अर्थव्यवस्था कॉमर्शियल और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से लोन के सहारे चल रही है।

    * पाकिस्तान कुल 232 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था है।

    * हर साल उसे कुल टैक्स रेवेन्यू का 44 फीसदी बतौर ब्याज चुकाना पड़ता है।

    * जब भी रेवेन्यू में कम होता है तो पाक IMF और विश्व बैंक की तरफ देखता है।

    * दूसरा दुनियाभर से लिया गया 163 बिलियन डॉलर यानी 17 ट्रिलियन रुपये का कर्ज।

    * हर साल पाकिस्तान को 50 बिलियन डॉलर का कर्ज चुकाना होता है।

    * भारतीय रुपए में ये रकम 3 लाख, 40 हजार करोड़ रुपए बनती है

    * पाकिस्तान का कुल बजट 8 लाख 43 हजार करोड़ रुपए का है।

    * हर पाकिस्तान के ऊपर 1 लाख रुपए से ज्यादा का कर्ज है।

    * कर्ज की किश्त चुकाने के लिए भी पाकिस्तान ने कई बार कर्जा लिया है।

    * 2013 में इसकी किश्त चुकाने के लिए पाकिस्तान IMF से 7 बिलियन डॉलर का कर्जा ले चुका है।

    * अमेरिका चीन समेत दुनिया के कई देश आतंकवाद को खत्म करने के लिए पाकिस्तान को पैसे देते हैं।

    * लेकिन पाकिस्तान इसका इस्तेमाल भारत के खिलाफ Proxy War, आंतकवाद को बढ़ावा देने में करता है।

    * ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने भ्रष्टाचार के मामले में पाकिस्तान को 175 देशों में 126 नंबर पर रखा है।

    * अंतरराष्ट्रीय आर्थिक खुफिया यूनिट ने पाकिस्तान को दुनिया के 10 अस्थिर देशों की लिस्ट में रखा है।

हर पाकिस्तानी पर 95 हजार रुपये का कर्ज    * पाकिस्तान का कुल कर्ज 18 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपये के पार हो गया है    * पीएम नवाज शरीफ के कार्यकाल में इसमें 35 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।    * देश की 19.28 करोड़ आबादी के हिसाब से हर नागरिक पर 94,727 रुपये का कर्ज है।    * 30 सितंबर 2016 तक देश का कर्ज 18 लाख करोड़ 27 अरब के पार पहुंच गया है।     * 2012-13 में यह ऋण 13 लाख करोड़ 48 अरब रुपये था।