PAK के पास खाने को पैसा नहीं और दिखाता है Nuclear Bomb की अकड़... जानिए कंगाल पाकिस्तान की INSIDE STORY

डॉ. संदीप कोहली,

नई दिल्ली (21 सितंबर): पाकिस्तान को संप्रभु राष्ट्र बने ठीक उतना ही समय हुआ है जितना भारत को हुआ है। लेकिन आज जहां भारत दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह बना चुका है। दुनिया की फास्टेस्ट ग्रोइंग इकोनॉमी है। वहीं पाकिस्तान के सामने अपने अस्तित्व को लेकर ही खतरा पैदा हो गया है। दाने-दाने को मोहताज हो चुका है पाकिस्तान। उधार की अर्थव्यवस्था बन चुका है पाकिस्तान। हर साल 50 बिलियन डॉलर यानी 3 लाख 40 हजार करोड़ रुपए कर्ज चुकाता है पाकिस्तान। यहां तक की कर्ज उतारने के लिए कर्ज लेता है पाकिस्तान। वही पाकिस्तान जब न्यूक्लियर वेपन्स प्रोग्राम की बात करता है तो हास्यास्पद लगता है। यूनाइडेट नेशंस में पाक का प्रतिनिधि मलीहा लोधी ने कल न्यूयॉर्क में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कुछ ऐसी ही बातें कही। मलीहा लोधी ने कहा कि पाकिस्तान अपने एटमी प्रोग्राम को लिमिटेड नहीं करेगा। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन कैरी ने नवाज शरीफ से न्यूक्लियर वेपन्स प्रोग्राम पर भी लगाम लगाने को कहा था। जिस पर रोक लगाने से पाकिस्तान ने इंकार कर दिया है। जानिए सूखी रोटी खाकर भी भारत को करारा जवाब देने के सपने देखने वाले पाकिस्तान की हालत क्या है...

- आतंकवाद, खराब कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार, महंगाई पाकिस्तान में चरम पर है। - पाकिस्तान सरकार की माली हालत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है। - पाकिस्तान में एक लीटर दूध की कीमत भारत से दुगनी है 80 से 90 रूपए प्रति लीटर। - ग्रीस की तरह पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था भी उधार पर आधारित हो गई है। - घर खरीदना हो तो उधार लो, पढ़ाई करनी हो तो उधार लो, कर्ज की किश्त चुकानी हो तो उधार लो। - इसकी दो बड़ी वजह है एक इकोनॉमी को मजबूत करने से ज्यादा हथियारों पर खर्च करना। - दूसरा दुनियाभर से लिया गया 163 बिलियन डॉलर यानी 17 ट्रिलियन रुपये का कर्ज। - पाकिस्तान की 98 फीसदी आबादी टैक्स नहीं देती, यहां तक की 2/3 से ज्यादा सांसद भी टैक्स नहीं देते। - कुल टैक्स रेवेन्यू का 68 फीसदी अप्रत्यक्ष टैक्स से आता है, जिसके कारण और गरीबी बढ़ रही है। - इंग्लैंड के एक NGO का दावा है उधार के चलते आज पाकिस्तान के सामने अस्तित्व का सवाल खड़ा हो गया है। - रिपोर्ट के मुताबिक पिछले कई दशकों से अर्थव्यवस्था कॉमर्शियल और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से लोन के सहारे चल रही है। - पाकिस्तान कुल 232 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था है और प्रति वर्ष उसे कुल टैक्स रेवेन्यू का 44 फीसदी बतौर ब्याज चुकाना पड़ता है। - पाकिस्तान में जब भी रेवेन्यू में कोई कमी महसूस होती है तो वह IMF और विश्व बैंक की तरफ देखता है। - दूसरा दुनियाभर से लिया गया 163 बिलियन डॉलर यानी 17 ट्रिलियन रुपये का कर्ज। - हर साल पाकिस्तान को 50 बिलियन डॉलर का कर्ज चुकाना होता है।  - भारतीय रुपए में ये रकम 3 लाख, 40 हजार करोड़ रुपए बनती है  - पाकिस्तान का कुल बजट 8 लाख 43 हजार करोड़ रुपए का है। - हर पाकिस्तान के ऊपर 1 लाख रुपए से ज्यादा का कर्ज है। - कर्ज की किश्त चुकाने के लिए भी पाकिस्तान ने कई बार कर्जा लिया है।  - 2013 में इसकी किश्त चुकाने के लिए पाकिस्तान IMF से 7 बिलियन डॉलर का कर्जा ले चुका है।  - अमेरिका चीन समेत दुनिया के कई देश आतंकवाद को खत्म करने के लिए पाकिस्तान को पैसे देते हैं। - लेकिन पाकिस्तान इसका इस्तेमाल भारत के खिलाफ Proxy War, आंतकवाद को बढ़ावा देने में करता है। - ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने भ्रष्टाचार के मामले में पाकिस्तान को 175 देशों में 126 नंबर पर रखा है। - अंतरराष्ट्रीय आर्थिक खुफिया यूनिट ने पाकिस्तान को दुनिया के 10 अस्थिर देशों की लिस्ट में रखा है।

कई बार इंटरनेशनल एजेंसिस दावा कर चुकी हैं आतंकियों के कब्जे में जा सकते हैं PAK के परमाणु बम... - मार्च 2016- अमेरिकी थिंक टैंक हार्वर्ड केनेडी स्कूल की रिपोर्ट में कहा गया पाकिस्तान में परमाणु चोरी का खतरा बहुत बढ़ गया है।  - जनवरी 2016- कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस (CRS) ने अपनी रिपोर्ट में कहा भारत को डराने के लिए पाक ने तैनात कर रखे हैं 130 परमाणु हथियार।  - अप्रैल 2015 में न्यूयार्क टाइम्स में लिखा, दक्षिण एशिया की स्थिरता के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द वह अपनी रक्षा के लिए परमाणु हमला करने से नहीं चूकेगा। - अगस्त 2015- अमेरिकी थिंक टैंक कार्नेगी एंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस की रिपोर्ट में कहा गया 10 साल में तीसरा बड़ा न्यूक्लियर पावर होगा पाक।