ना'पाक' हरकत: पाकिस्तान ने 'गिलगित-बाल्टिस्तान आर्डर' पर भारत के विरोध को किया खारिज

नई दिल्ली (29 मई): कहते हैं चोर चोरी से जाए हेराफेरी से ना जाए। ऐसा की कुछ हाल हमारे पड़ोसी पाकिस्तान का है। पाकिस्तान ने भारत के उस विरोध को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें हिंदूस्तान ने पाकिस्तान से 'गिलगित-बाल्टिस्तान आर्डर' वापस लेने की अपील की थी। इतना ही नहीं पाकिस्तान ने अपने नापाक बयान में जम्मू-कश्मीर पर भारत के दावे को भी ‘फर्जी’ बताया है। पाकिस्तानी विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा है कि ‘जम्मू-कश्मीर एक विवादित क्षेत्र है। हम गिलगित-बाल्टिस्तान आदेश-2018 पर भारत के विरोध और जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा बताने वाले उसके दावे को खारिज करते हैं। इतिहास से लेकर कानून एवं जमीनी हकीकत तक सभी भारत के फर्जी दावे को झुठलाते हैं।’दरअसल पाकिस्तान ने गिलगित-बाल्टिस्तान की स्वायत्तता में कटौती की है। प्रधानमंत्री अब्बासी ने गिलगिट-बाल्टिस्तान पर 21 मई के एक आदेश के जरिए क्षेत्र के मामलों से निपटने के स्थानीय परिषद के ज्यादातर अधिकार ले लिए थे। पाकिस्तान के नागरिक अधिकार समूहों ने भी इस आदेश की आलोचना की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान के जबरन और अवैध कब्जे वाले क्षेत्र के किसी भी हिस्से के दर्जे में बदलाव के लिए किसी भी कार्रवाई का कोई कानूनी आधार नहीं है और वह पूरी तरह से अस्वीकार्य भी है। पाकिस्तान को कब्जे वाले क्षेत्रों के दर्जे में बदलाव के बदले अवैध कब्जे वाले सभी क्षेत्रों को तुरंत खाली कर देना चाहिए।भारत ने पाक उप -उच्चायुक्त सैयद हैदर शाह को तलब कर कहा कि उनके देश के जबरन कब्जे वाले क्षेत्र के किसी भी हिस्से के दर्जे में बदलाव करने के लिए किसी भी कार्रवाई का कोई कानूनी आधार नहीं है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि उसने शाह को सूचित किया कि 1947 में हुए विलय के आधार पर पूरा जम्मू कश्मीर राज्य भारत का अभिन्न हिस्सा है और ‘गिलगिट-बाल्टिस्तान’ इलाका उस राज्य में शामिल है।