2009 में श्रीलंका टीम पर हमले में शामिल 4 आतंकी मारे गए

नई दिल्ली (28 अगस्त): पाकिस्तान की पुलिस ने बताया कि उसने 2009 में श्रीलंका की क्रिकेट टीम की बस पर हमला करने में शामिल 4 आतंकियों को मार गिराया है। पुलिस के अनुसार, यह आतंकी लश्‍कर-ए-जाह्नवी से संबंध रखते थे।

पुलिस के अनुसार, लाहौर के मनावां इलाके में सीआईडी दल पर सात आतंकियों ने हमला किया था। सीआईडी का विभागीय कार्यालय मनावां में ही है। आतंकियों के हमले के बाद पुलिस दल ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें चार आतंकी मारे गए और तीन आतंकी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले।

फरार आतंकियों का पता लगाने के लिए पुलिस तलाशी अभियान चला रही है। मारे गए आतंकियों की पहचान जुबैर उर्फ नाइक मोहम्मद, अब्दुल वहाब, अदनान अरशद और अतीकुर रहमान के तौर पर हुई है। यह लोग वर्ष 2009 में श्रीलंका की क्रिकेट टीम पर हुए हमले में और वर्ष 2008 में  लाहौर के मून मार्केट पर हुए हमले में शामिल थे। मृत आतंकियों के पास से हथियार और विस्फोटक बरामद किए गए हैं।

जून में लाहौर स्थित आतंकवाद निरोधक अदालत (एटीसी) ने श्रीलंका की क्रिकेट टीम पर हमले के मामले में प्रतिबंधित एलईजे के छह सदस्यों ओबैदुल्ला, जावेद अनवर, इब्राहिम खलील, मोहम्मद वहाब और अरशद पर अभियोग लगाया था। ओबैदुल्ला, जावेद अनवर और इब्राहीम खलील जमानत पर हैं जबकि शेष कोट लखपत जेल में बंद हैं। उनका कहना है कि वह बेकसूर हैं।

एटीसी दो अन्य संदिग्धों मोहसिन रशीद और अब्दुल रहमान को भगोड़ा अपराधी घोषित कर चुका है। हमले का मास्टरमाइंड और एलईजे का प्रमुख मलिक इसहाक पिछले साल सीआईडी के साथ एक मुठभेड़ में मारा गया था।

6 श्रीलंकाई खिलाड़ी हुए थे घायल लाहौर में कज्जाफी स्टेडियम के पास लिबर्टी चौक पर मार्च 2009 में श्रीलंका की क्रिकेट टीम को लेकर जा रही एक बस पर तालिबान और एलईजे के आतंकियों ने आधुनिक हथियारों और ग्रेनेडों से हमला किया था।

इस हमले में श्रीलंका की क्रिकेट टीम के कप्तान महेला जयवर्द्धने, कुमार संगकारा, अजंता मेन्डिस, तिलन समरवीरा, थरंगा पारनविताना और चामिंडा वास घायल हो गए थे। इस टीम के साथ जा रहे छह पाकिस्तानी पुलिस कर्मी हमले में मारे गए थे।