आतंक पर पाकिस्तान को अमेरिकी की फटकार

नई दिल्ली(10 फरवरी): अमेरिकी सेनेटर्स ने आतंकियों को समर्थन देने पर पाकिस्तान की खिंचाई की है। टॉप अमेरिकी सेनेटर्स का कहना है कि जब तक अफगानिस्तान से संचालित होने वाले चरमपंथी गुटों को पाकिस्तान सहायता देना बंद नहीं करता है तब तक अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई नहीं जीत पाएगा।

-अफगानिस्तान पर कांग्रेस की सुनवाई के दौरान पावरफुल सेनेट आर्म्ड सर्विसेज कमिटी के रैंकिंग मेंबर जैक रीड ने कहा, 'अगर हमें अफगानिस्तान में आतंक के खिलाफ लड़ाई जीतनी है तो पाकिस्तानी को अफगानिस्तान के चरमपंथी गुटों को जानबूझकर या अप्रत्यक्ष रूप से की जाने वाली सहायता को बंद करना होगा।'

-सेनेट के अन्य सदस्यों ने भी जैक रीड का समर्थन किया और पाकिस्तान द्वारा तालिबान एवं हक्कानी नेटवर्क पर कार्रवाई नहीं करने को लेकर चिंता जताई।

-अफगानिस्तान में यूएस और नाटो फोर्सेज के कमांडर, जनरल जॉन निकलसन ने कहा, 'युद्धभूमि में उस समय सफलता हासिल करना बहुत मुश्किल हो जाता है जब आपके दुश्मन को बाहरी समर्थन और सुरक्षित शरण मिलती रहे। मेरा मानना है कि हमें पाकिस्तान के साथ और करीब आकर काम करने की जरूरत है।'

- एक सेनेटर ने जानना चाहा कि आतंकियों को सुरक्षित शरण कहने से निकलसन का क्या अभिप्राय है। इस पर निकलसन ने स्पष्ट करते हुए कहा कि क्वेटा जैसे इलाके में दुश्मनों की सुरक्षित पनाहगाह है। सेनेटर रीड ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) पर हक्कानी नेटवर्क की मदद करने का आरोप लगाया। एक अन्य सेनेटर अंगुस किंग ने कहा कि पाकिस्तान जब तक आतंकियों का सुरक्षित अड्डा बना रहेगा तब तक अमेरिका यह लड़ाई नहीं जीत सकता है।