खुफिया जानकारी हासिल करने के लिए लड़कियों का इस्तेमाल करता था ISI एजेंट

नई दिल्ली ( 27 अक्टूबर ) : पाक हाई कमीशन में पाक सेना का हवालदार भारतीय सेना की जासूसी पकड़ा गया है। उसकी गिरफ्तारी के बाद अब उसके बारे में कई जानकारियां सामने आ रही हैं। अब जासूसी रैकेट में लोगों को फंसाने के लिए हनी ट्रैप की बात सामने आ रही है। हाई कमीशन के वीजा सेक्शन में काम कर रहा महमूद अख्तर असल में आईएसआई एजेंट था। उसी साजिश के तहत ही भारत में भेजा गया था। 

वह और उसके तीन साथी बीएसएफ और आर्मी की जासूसी कराने के मकसद से लोगों को लड़कियों के जरिए फंसाते थे। अख्तर यह सीक्रेट जानकारी पाकिस्तानी इंटेलिजेंस एजेंसी तक पहुंचा देता था। दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम इस एंगल की बारीकी से जांच कर रही है। 

कैसे फंसाता था लोगों को...

- दिल्ली पुलिस ने बताया कि आरोपी मौलाना हनी ट्रैप के लिए ऐसी लड़कियों का इस्तेमाल करता था, जो पाकिस्तान जाना चाहती थीं, लेकिन उन्हें वीजा नहीं मिल पाता था। इसका फायदा उठाकर अख्तर के जरिए उनका वीजा बनवाता था। - मौलाना, सुभाष और शोएब लड़कियों के रिश्तेदारों का भी वीजा बनवाकर या दूसरी मदद कर उसके साथ नजदीकियां बढ़ाते थे। लड़कियों को फिर वे ऐसे लोगों के पास भेजते थे जिनसे उन्हें बीएसएफ के रिटायर्ड और ट्रांसफर्ड अफसरों जानकारी हासिल हो सकती थी। - हनी ट्रैप में फंसे कुछ लोग बदनामी के डर से अरेस्ट में हुए मौलाना और सुभाष को सीक्रेट डिटेल देते थे।  - ज्वाइंट सीपी रवींद्र यादव ने बताया,''इन लड़कियों की जानकारी शेयर नहीं की जा सकती है। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है।'' - ''अख्तर ढाई साल से हाईकमीशन के वीजा सेक्शन में काम कर रहा था। इसलिए यह पहचान करना उसके लिए मुश्किल नहीं था कि कौन उसके लिए जासूसी कर सकता है।'' पुलिस शोएब की कर रही तलाश - पुलिस को इस मामले में जोधपुर के रहने वाले शोएब की तलाश है। वह जोधपुर में वीजा-पासपोर्ट का काम करने का काम करता है। - शोएब ने ही पहले मौलाना को अपने साथ जोड़ा। वह मदरसे में बच्चों को पढ़ाता है, लेकिन उसका काम बीएसएफ और सेना की खुफिया जानकारी।