अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगाएंगे पाकिस्तान पर 'प्रतिबंध', जानिए क्यों...

डॉ. संदीप कोहली,

नई दिल्ली (30 जनवरी): डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति पद की गद्दी क्या संभाली पाकिस्तान की रातों की नींद और दिन का चैन उड़ गया है। पाकिस्तान को जिस बात का डर सता रहा था वो आज साबित होता जा रहा है। अमेरिका ने पाकिस्तान के खिलाफ अपना रूख सख्त कर लिया है। व्हाइट हाउस द्वारा जारी किए गए आधिकारिक बयान में कहा गया है कि जल्द ही पाकिस्तानी नागरिकों की अमेरिका में एंट्री पर रोक लग सकती है। इसकी वजह पाकिस्तान में बढ़ता आतंकवाद और उसकी दुनियाभर में बनी नकरात्‍मक छवि है। व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ द स्टाफ रींस प्रीबस ने कहा है कि अमेरिका में जिन देशों के प्रवासियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने संबंधी आदेश राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने दिए है, भविष्‍य में उस लिस्ट में पाकिस्‍तान का नाम भी शामिल किया जा सकता है। गौरतलब है कि हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप ने एक आदेश जारी कर ईरान, इराक, लीबिया, सूडान, यमन, सीरिया और सोमालिया के नागरिकों के अमेरिका में एंट्री पर बैन लगा दिया है।

पाकिस्तान पर अमेरिका क्यों है इतना सख्त...

- यह पहला ऐसा मौका है जब पाकिस्तान को अमेरिका ने सुनाई खरी-खरी।

- अमेरिका ने सार्वजनिक तौर पर पाकिस्तान पर बैन लगाने की बात कही है।

- पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आने वाले लोगों की होगी कड़ी निगरानी।

– राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने प्रेसिडेंशियल कैम्पेन के दौरान पाक को खतरनाक मुल्क बताया था।

– ट्रंप ने कहा था कि पाकिस्तान ने 9/11 के बाद अमेरिका को कई बार धोखा दिया है।

– ट्रंप ने कहा था कि राष्ट्रपति बनने के बाद पाकिस्तान को हर गलती के लिए सजा देंगे।

– इससे अनुमान पहले ही लगाया गया था कि वे पाक के मामले में कड़ा फैसला कर सकते हैं।

– अमेरिकी साप्ताहिक समाचार पत्रिका 'न्यूजवीक'के मुताबिक भारत के पक्ष में मजबूती से खड़े हैं ट्रंप।

– डोनाल्ड ट्रंप ने कैम्पेन में मोदी को महान शख्सियत और खुदको हिंदुओं का फैन बताया था।

– डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी की तरह नारा भी दिया था अबकी बार ट्रम्प सरकार।

अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्तों में पहले से ही बढ़ चुकी है तल्खी....

- अमेरिका 2011 से पाक को 350 करोड़ डॉलर की सालाना मदद दे रहा था।

- पांच साल में यह मदद 70% तक घट गई।

- 2007 के बाद मदद कम करने का यह पहला मौका होगा।

- अमेरिका का कहना है कि पाकिस्तान तालिबान को सपोर्ट कर रहा है।

- जिसके चलते अमेरिकी और नाटो फौजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

- अमेरिका के मदद की रकम करने से पाक अफसरों में खलबली मच गई है।

- हकीकत में पाक इस पैसों का इस्तेमाल तालिबान के खिलाफ नहीं करता।

- बल्कि पैसों का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों में करता रहा है।

अमेरिका देता रहा है पाकिस्तान को चेतावनी...

26 अक्टूबर- अमेरिका ने दी चेतावनी, पड़ोसियों पर हमला करने वाले आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करे पाक।

23 अक्टूबर- अमेरिका ने चेताया, जरूरत पड़ी तो पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों को मारने से भी हिचकेंगे नहीं।

15 अक्टूबर- सभी आतंकी समूहों को नेस्तोनाबूत कर आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करे पाकिस्तान।

13 अक्टूबर- अमेरिका ने किया भारत का समर्थन, उरी हमला सीमापार से आतंकवाद, भारत को आत्मरक्षा का हक।

30 सितम्बर- परमाणु हमले की धमकी पर पाकिस्तान को अमेरिका की फटकार, कहा- पाक समझे अपनी ज़िम्मेदारियां।

30 सितम्बर- पाकिस्तान से परमाणु आत्मघाती हमलावर तैयार हो सकते हैं : हिलेरी क्लिंटन ने जताई आशंका।

30 सितम्बर- भारत ने सावधानीपूर्वक आकलन करने के बाद किया लक्षित हमला : अमेरिकी थिंक टैंक कार्नेगी एनडाउमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस।

30 सितम्बर- सर्जिकल स्ट्राइक के बाद अमेरिका विदेश मंत्रालय का पहला बयान- भारत के हमले को बताया 'सही कदम'।