उरी हमले के बाद चारों ओर से घिरा पाकिस्तान, रूस-अमेरिका भारत के साथ

नई दिल्ली (19 सितंबर): उरी में सेना के कैंप पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत की कूटनीति रंग लाती नज़र आ रही है। एक तरफ रूस ने जहां पाकिस्तान के साथ ज्वाइंट मिलिट्री एक्सरसाइज़ और लड़ाकू हेलिकॉप्टर डील रद्द कर दी है वहीं अमेरिका ने भी कहा है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में वो भारत के साथ मजबूत भागीदारी के लिए प्रतिबद्ध है। रूस और अमेरिका का साथ मिल जाने के बाद अब प्रधानमंत्री मोदी का प्रयास सऊदी अरब से तटस्थ और निष्पक्ष प्रतिक्रिया जाहिर करवाना है।

इजराइल और जापान भारत को पहले ही अपना समर्थन दे चुके हैं। इस समय चीन पाकिस्तान का सबसे बड़ा आर्थिक और सामरिक और कूटनीतिक सहयोगी है। भारत का प्रयास है अंतर्राष्ट्रीय शक्तियों से  चीन पर ऐसा दवाब बनाने का रहेगा कि अगर पाकिस्तान के साथ भारत को युद्ध जैसी स्थितियों में उतरना पड़े तो कम से कम वो तटस्थ भाव से स्थितियों का आंकलन करे। हालांकि, चीन के सहयोग से ही पाकिस्तान अभी तक जैश के सरगाना मौलाना मसूद अज़हर को बचाता चला आ रहा है।