INSIDE STORY: #Indian टीवी-रेडियो कंटेंट किया बैन तो बर्बाद हो जाएगी #Pakistan की #Entertainment इंडस्ट्री, जानिए कैसे...

डॉ. संदीप कोहली, 

नई दिल्ली (21 अक्टूबर) : पाकिस्तान में शुक्रवार से टीवी और रेडियो चैनलों पर भारतीय कार्यक्रम नहीं दिखाए जाएंगे। पाकिस्तान की इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेग्युलेटरी अथॉरिटी (PEMRA)ने इंडियन टीवी-रेडियो कंटेंट के प्रसारण पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। PEMRA ने सभी पाकिस्तानी चैनल और एफएम रेडियो को चेतावनी दी है कि जो भी उसकी बात नहीं मानेगा, उसका लाइसेंस बिना नोटिस दिए तुरंत सस्पेंड कर दिया जाएगा। PEMRA की ओर से जारी प्रतिबंध पर पाकिस्तान के दर्शकों और केबल ऑपरेटरों ने कड़ी आलोचना की है। गौरतलब है कि भारत की तरह ही पाकिस्तान की भी आवाम भारतीय सीरियलों और फिल्में की मुरीद है। पाकिस्तान की इस पाबंधी का असर खुद पाकिस्तान पर ही पड़ने वाला है जानिए कैसे-

प्रतिबंध का पाकिस्तान पर असर... - PEMRA के इस कदम से पाकिस्तान की आम जनता में निराशा फैल गई है। - इस कदम को लेकर खासकर पाकिस्तान की महिलाओं में काफी गुस्सा है। - भारतीय सीरियलों के अलावा उनके पास मनोरंजन का कोई और साधन नहीं है। - वहां जो सीरियल बनते हैं वो ज्यादातर राजनीतिक और बंटवारे के इर्द-गिर्द घुमते हैं। - पाकिस्तान की टीवी इंडस्ट्री कितनी बुरी हालात में है किसी से छिपा नहीं है। - पाक के ज्यादातर कलाकार विदेशों में काम ढूंढते हैं, खासकार भारत में। - बैन से पाक फिल्म इंडस्ट्री के 70 फीसदी बिजनेस पर असर पड़ेगा। - पाक फिल्म इं‍डस्ट्री में 70 फीसदी बिजनेस बॉलीवुड और हॉलीवुड से आता है। - PEMRA के इस प्रतिबंध से पाकिस्तान के बच्चे भी प्रभावित होंगे।  - भारत के कई कार्टून चैनल्स जो पाकिस्तान में दिखाए जाते हैं बंद हो जाएंगे। - PEMRA की दलील है कि भारतीय सीरियल पाकिस्तान की संस्कृति पर हमला है। - भारतीय सीरियल हिंदी में होते हैं, महिलाएं और बच्चे भी हिंदी भाषा सीख रहे हैं। - पाकिस्तान की आम बोलचाल में हिंदी के शब्द बढ़ गए हैं जो समाज को खतरा है।

प्रतिबंध से पहले क्या थे नियम... - PEMRA के नियमों के मुताबिक पाक टीवी चैनल्स 24 में सिर्फ 10% विदेशी कंटेंट दिखा सकते हैं। - हालांकि भारतीय कार्यक्रम पर और सख्त पाबंदी है, भारतीय सीरियल दिखाने की समय-सीमा तय है। - हाल ही में PEMRA ने भारतीय कार्यक्रम दिखाने की समय सीमा 1 घंटा 40 मिनट तय कर दी थी। - 21 अगस्त को पाकिस्तानी अथॉरिटी ने ऐलान किया कोई भी केबल ऑपरेटर दायरे से बाहर नहीं जाएगा। - गौरतलब है कि मुशर्रफ के शासनकाल 2006 में भारतीय टीवी चैनलों से प्रतिबंध हटाया गया था। - साथ ही 2007 में भारतीय फिल्मों पर बैन पूरी तरह खत्म कर दिया गया था। - लेकिन पाक सुप्रीम कोर्ट ने 2010 में भारतीय चैनलों के प्रसारण पर रोक लगा दी थी।  - बावजूद इसके कई केबल ऑपरेटर नियमों की अनदेखी करके चैनलों का प्रसारण करते रहे। - पाक में भारत के सीरियल इतने लोकप्रिय हैं कि वहां की जनता सोते-जागते इन्हें ही देखती है।

बर्बाद हो गई पाकिस्तान की सिनेमा और टीवी इंडस्ट्री... - पाकिस्तान की एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री 2300 करोड़ रुपए की है। - वहीं भारत की फिल्म इंडस्ट्री 'बॉलीवुड' 15,500 करोड़ रुपए की है। - और भारत की टीवी इंडस्ट्री लगभग 48 हजार करोड़ रुपए की है। - पाकिस्तान में फिल्म इं‍डस्ट्री की बहुत बुरी हालत है। - पाक फिल्म इं‍डस्ट्री में 70% बिजनेस बॉलीवुड और हॉलीवुड से आता है। - पाकिस्तान में हर साल बॉलीवुड की करीब 50 फिल्में रिलीज होती हैं। - बैन से पाकिस्तान के सिनेमा को हर साल 100 करोड़ का नुकसान होगा। - वहीं हर साल 100 करोड़ रुपए आतंकवादियों पर खर्च करने वाला पाकिस्तान। - वहां की मरती हुई फिल्म इं‍डस्ट्री 'लॉलीवुड' पर एक रुपए खर्च नहीं करता। - 70 के दशक तक पाकिस्तान सबसे ज्यादा फिल्में बनाता था। - उस समय पाकिस्तान में 1300 से 1400 सिनेमाघर हुआ करते थे। - आज स्थिती यह है कि पाकिस्तान में सिर्फ 319 सिनेमाघर रह गए हैं।

पाकिस्तानी फिर भी देखेंगे भारतीय फिल्में...   - PEMRA के बैन के बावजूद पाकिस्तान में देखी जाएंगी भारतीय फिल्में और सीरियल। - अखबार डॉन की खबर के मुताबिक पाकिस्तान में पाइरेसी का खतरा बढ़ गया है। - पाकिस्तान में सिनेमाघर मालिकों ने कहा है कि पाइरेसी से उनको ही नुकसान है। - 100 में से 70 रुपए भारतीय फिल्मों से कमाई हो रही थी, बर्बाद हो जाएंगे। - पाकिस्तान के सिनेमाघर मालिक एकजुटता के साथ बैन का विरोध कर रहे हैं।