संभल जाओ पाकिस्तान, श्रीलंका जैसा कब्जा कर लेगा चीन

नई दिल्ली (29 जुलाई): श्रीलंका में चालबाज चीन का शातिर चेहरा नजर आया है। श्रीलंका के साथ चीन का ये समझौता पाकिस्तान के लिए चेतावनी है। अगर पाकिस्तान वक्त रहते नहीं संभल जाएगा को उसका भी वही ड्रैगन वहीं हश्र करेगा। फिलहाल पाकिस्तान को फिलहाल चीन के ये चाल समझ में नहीं आ रही है। दरअसल इन दिनों चीन और पाकिस्तान दुनिया भर में 'वन बेल्ट वन रोड' प्रॉजेक्ट के गुण गा रहा है। दावा है ये तीन महादेश- एशिया, यूरोप और अफ्रीका को सीधे तौर पर जोड़ेगा। किसी एक देश का दुनिया में यह सबसे बड़ा निवेश माना जा रहा है। लेकिन बहस छिड़ गई है कि इस प्रॉजेक्ट के जरिए चीन कनेक्टिविटी चाहता है या फिर ग्लोबल राजनीति में अपनी हैसियत बढ़ाना चाहता है। 


जानकारों के मुताबिक CPEC चीन की औपनिवेशिक चाल है, ताकि पाकिस्तान में स्थायी पैरवी हो सके।  चीन ने खुद का एक अच्छा उदाहरण देते हुए श्रीलंका के साथ आज हंबान्टाटा बंदरगाह को लेक सौदा किया है। श्रीलंका ने हंबान्टाटा के गहरे समुद्र के बंदरगाह के नियंत्रण और विकास के लिए चीन के साथ 1.1 अरब डॉलर का समझौता किया है। एक सरकारी संचालित चीनी कंपनी के पास पोर्ट पर 99 साल का पट्टा होगा और एक औद्योगिक क्षेत्र के निर्माण के लिए लगभग 15,000 एकड़ जमीन होगी।

पिछले कुछ सालों में, चीन ने बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए श्रीलंका के बड़े कर्ज दिए। अब, श्रीलंका उन ऋणों को चुकाने में असमर्थ है यह अपने ऋण को चुकाने के लिए चीन को जमीन पर पट्टे पर दे रहा है। हंबनटोटा बंदरगाह को पट्टे पर देने के लिए यह पैसा चीनी ऋण के पुनर्भुगतान में जाएगा। यह इस प्रकार है कि चीन महंगा कर्ज के पीछे एक देश में घुसता है। इससे चीन की मंशा साफ हो गई है कि वो किस प्रकार किसी देश के शोषण की शुरूआत करता है। 

लिहाजा ये पाकिस्तान के लिए चेतावनी है कि वो चीन के शातिर चाल में न फंसे और किसी तरह वक्त रहते चीन के चंगुल से निकल जाए।