'उरी हमले के बाद भारत के सब्र का इम्तहान ने ले पाकिस्तान'

नई दिल्ली (28 सितंबर): उरी हमले के बाद पाकिस्तान के अड़ियल रवैये की आलोचना पूरी दुनिया में हो रही है। अब एक अमेरिकी अखबार ने लिखा है कि भारत के कड़े रुख और संयम को पाकिस्तान लंबे समय तक हलके में नहीं ले सकता और अगर पाकिस्तान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहयोग के प्रस्ताव को खारिज करता है तो वह पूरी दुनिया के लिए एक 'अछूत देश' बन कर रह जाएगा।

- अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल ने लिखा है कि , 'मोदी फिलहाल पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाए हुए हैं और यह आगे भी जारी रहा तो पाकिस्तान  के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।

- अगर मोदी के सहयोग के प्रस्ताव को खारिज किया जाता है तो दुनिया के लिए पहले से अछूत पाकिस्तान, अब और अछूत देश बन जाएगा।

- लेख में चेतावनी भरे लहजे में गया है, 'अगर पाकिस्तानी सेना ने सीमा पार से भारत में हथियार और आतंकवादी भेजना जारी रखा तो भारतीय प्रधानमंत्री का   रुख बिल्कुल न्यायसंगत होगा।

- वॉल स्ट्रीट जर्नल ने कहा है कि आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का रुख हमेशा से उच्च नैतिक मापदंडों पर खरा रहा है पर पिछली कांग्रेस और बीजेपी की सरकारें  इसे स्पष्ट रूप से कभी सख्ती से लागू नहीं कर पाईं।

- सैन्य कार्रवाई न करने के प्रधानमंत्री मोदी के फैसले की तारीफ करते हुए अखबार ने लिखा, 'मोदी ने सैन्य कार्रवाई के खतरों को समझते हुए, पाकिस्तान को  अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने का फैसला किया।

- वह 1960 का सिंधु जल समझौता रद्द करने पर विचार कर रह हैं। साथ ही वह पाकिस्तान को 1996 में दिए गए मोस्ट फेवर्ड नेशन के दर्जे को भी छीन सकते हैं  क्योंकि पाकिस्तान ने अभी तक भारत को यह दर्जा नहीं दिया है।'