BSF के अर्जुन के आगे पाक ने घुटने टेके, बंदूकों की जगह उठाये सफेद झण्डे

 

नई दिल्ली (27 सितंबर): लगातार नापाक हरकत कर रहे पाकिस्तान ने बीएसएफ के 'अर्जुन' के सामने आत्म समर्पण कर दिया। सरहद के उस पार से जहां स्नापर शॉट्स आते थे अब वहां से सफेद झण्डे उठने लगे। त्राहि-माम की आवाजें आने लगीं।  दरअसल पिछले महीने भारतीय जवानों को मारने, ग्रामीणों पर फायरिंग और गांवों में गोलाबारी करने के लिए पाक ने स्नाइपर्स का इस्तेमाल किया था जिसे मुंहतोड़ जवाब देने के लिए 'ऑपरेशन अर्जुन' शुरू किया गया। 

'ऑपरेशन अर्जुन' के तहत सीमा पर पाकिस्तान को जवाब देने के कारण इस्लामाबाद को गिड़गिड़ाना पड़ा और सीजफायर की अपील करनी पड़ी। पाक की नापाक हरकतों का जवाब देने के लिए बीएसएफ ने विशेष रूप से पाकिस्तान के पूर्व सैनिकों, आईएसआई और पाक रेंजर्स के अधिकारियों के आवास और खेतों को निशाना बनाया जो घुसपैठ और भारत विरोधी अभियान में मदद कर रहे थे। 

भारतीय कार्रवाई के बाद पाक रेंजर्स के पंजाब डीजी मेजर जनरल अजगर नवीद हायत खान ने बीएसएफ डायरेक्टर केके शर्मा से सप्ताह में दो बार फायरिंग रोकने की अपील की। शर्मा ने पाकिस्तान द्वारा बिना उकसाहट की जा रही गोलीबारी पर कड़ा विरोध जाहिर किया। शर्मा को पाकिस्तान की तरफ से पहला कॉल 22 सितंबर को आया और दूसरा 25 सितंबर को किया गया। 

शर्मा ने खान को कहा कि उनके जूनियर 12वीं चेनाब रेंजर्स के लेफ्टिनेंट कर्नल इरफान का रवैया उकसाहट भरा रहा है, जिससे दोनों तरफ गोलीबारी का खतरा बढ़ रहा है। ऑपरेशन अर्जुन के तहत बीएसएफ ने छोटे, मध्यम और एरिया वेपंस का इस्तेमाल किया। इससे पाकिस्तान को भारी क्षति पहुंची। इसमें 7 पाक रेंजर्स और 11 नागरिक मारे गए हैं। लंबी दूरी के 81 एमएम वेपंस के इस्तेमाल से पाक सेना और रेंजर्स के कई आउट पोस्ट तबाह किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान की तरफ से लगातार हो रही फायरिंग के कारण बीएसएफ ने पश्चिमी सीमा पर अपने ऑपरेशन को रिस्ट्रक्चर किया था। 

सूत्रों ने बताया कि यह अभियान पिछले साल तीन महीने तक चले 'ऑपरेशन रुस्तम' की तर्ज पर था। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाक सेना की गोलाबारी का जवाब देने के लिए यह ऑपरेशन शुरू किया गया था। बीएसएफ के जवाब के कारण पाक रेंजर्स को बंदूक की जगह सफेद झंडा उठाने पर मजबूर होना पड़ा।