आखिर कौन चला रहा है पाकिस्तान को?

नई दिल्ली (24 सितंबर): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कर दिया कि पाकिस्तान को दुनिया के आतंक का सबसे बड़ा अड्डा साबित करने में अब कोई कसर नहीं बरती जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी ने आज उस भाषण की भूमिका बांध दी जो सोमवार को सुषमा स्वराज संयुक्त राष्ट्र महासभा में देंगी। ये बात बिल्कुल तय है कि आने वाले समय में भारत हर मंच से पाकिस्तान को आतंक का एक्सपोर्टर साबित करने की हरमुमकिन कोशिश करने जा रहा है।

आतंक के खिलाफ इस युद्ध को मोदी सरकार उसी स्तर तक ले जाना चाहती है जैसा 9/11 के बाद अमेरिका की बुश सरकार ले गई थी, लेकिन हथियारों की जोरआजमाइश से पहले कूटनीति का भरपूर सहारा लिया जा रहा है। ऐसे में ये समझना जरूरी है कि जिस देश से हम सबसे बड़े युद्ध की तैयारी कर रहे हैं वहां सत्ता की कमान किसके हाथ में है। न्यूक्लियर बम का रिमोट किसके पास है, बातचीत करने का अधिकार किसके पास है, आखिर पाकिस्तान को कौन चला रहा है? पाकिस्तान के पीएम आर्मी और आतंकियों की बोली क्यों बोलने लगे हैं?

नरेंद्र मोदी ने एक तरफ पाकिस्तान की आवाम को संदेस भेजा ते दूसरी तरफ पाकिस्तान के हुक्मरानों को ललकारा। मोदी ने साफ तौर पर कह दिया कि पूरी दुनिया में पाकिस्तान को अलग थलग करने की मुहिम शुरू हो चुकी है। एक तरफ मोदी का भाषण है जिसमें चेतावनी भी है और सही रास्ते पर आने की नसीहत भी है। दूसरी तरफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का भाषण है जो बुधवार को संयुक्त राष्ट्र में दिया गया। उस भाषण के खत्म होते ही भारत से लेकर पाकिस्तान तक ये चर्चा होने लगी कि ये भाषण किसका था, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का ? पाकिस्तान के सेना प्रमुख का? आईएसआ का ? या फिर कश्मीर में दहशतगर्दी फैला रही किसी आतंकी तंजीम का?

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