भारत को कमजोर करने के लिए पाक ने बनाए आतंकी समूह, है दुराग्रही देश: अमेरिकी विशेषज्ञ

नई दिल्ली ( 21 जुलाई ): पाकिस्तान को आतंकवाद से लड़ाई के नाम पर हथियार और धन मुहैया कराता रहा है। लेकिन अब अमेरिका ने पाकिस्तान की पोले खोलने जुट गया है। अमेरिका के पूर्व राजनयिकों और अधिकारियों का मानना है कि पाकिस्तान ने तालिबान, हक्कानी नेटवर्क और लश्कर-ए-ताइबा जैसे आतंकी समूहों का गठन इसलिए किया ताकि भारत की स्थिति को कमजोर किया जा सके और युद्धग्रस्त अफगानिस्तान में इस्लामाबाद के हितों को बचाया जा सके।

उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका को कट्टरपंथ से निपटने के लिए भारत के साथ एक 'वृहद गठबंधन' करना चाहिए, क्योंकि इस्लामाबाद आतंक से निपटने के नाम पर आर्थिक मदद को लेकर अमेरिका को 'ब्लैकमेल' कर रहा है और उसके बावजूद वह आतंकियों को पाल रहा है।

 

साउथ डकोटा के पूर्व अमेरिकी सेनेटर लेरी प्रेसलर ने अपनी किताब 'नेबर्स इन आर्म्स: एन अमेरिकन सेनेटर्स क्वेस्ट फॉर डिसआर्ममेंट इन न्यूक्लियर सब कॉन्टिनेंट' में लिखा है,'आतंकवाद को लेकर अगर पाकिस्तान अपने तरीकों में बदलाव नहीं करता है तो उसे आतंकी देश घोषित कर देना चाहिए। मेरे अलावा विदेश नीति के कई अग्रणी विशेषज्ञों ने भी जोर देकर यह बात कही है। बुश प्रशासन ने भी अपने पहले कार्यकाल में वर्ष 1992 में इस बारे में गंभीरता से विचार किया था।'