पाक: धार्मिक संस्था ने किया विरोध, 'चाइल्ड मैरिज' बैन के लिए प्रस्तावित कानून वापस

नई दिल्ली (16 जनवरी): पाकिस्तान में चाइल्ड मैरिज पर प्रतिबंध लगाने के लिए उठाए गए एक कदम को धार्मिक संस्था के विरोध के बाद वापस ले लिया गया। धार्मिक संस्था ने इसके संबंध में प्रस्तावित कानून को 'इस्लाम विरोधी' करार दिया।

ब्रिटिश अखबार 'द इंडिपेंडेंट' की रिपोर्ट के मुताबिक, सत्ताधारी पार्टी नेता मारवी मेनन ने चाइल्ड मैरिज पर रोक लगाने के लिए पेश किए बिल को वापस ले लिया। इस बिल का काउंसिल ऑफ इस्लामिक आईडियॉलॉजी (सीआईआई) ने विरोध किया था। सीआईआई ने इस बिल को 'ईशनिंदा' करने वाला कहा था।

सीआईआई ने खुले तौर पर प्रस्तावित कानून को धार्मिक आधार पर खारिज कर दिया। सीआईआई के चेयरमैन मोहम्मद खान शीरानी ने कहा कि बिल इस्लामी सबक के खिलाफ है। उन्होंने कहा, ''पार्लियामेंट ऐसा कानून नहीं बना सकती जो पाक 'कुरान' या सुन्नाह के सबक के खिलाफ हो।''

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित कानून में नाबालिगों के साथ शादी करने वालों के खिलाफ कठोर सजा का प्रावधान किया गया था। साथ ही शादी की न्यूनतम आयु 18 साल तय की गई थी। वर्तमान में शादी की न्यूनतम आयु लड़कियों के लिए 16 साल और लड़कों के लिए 18 साल है।