बलूचिस्तान पर मोदी की टिप्पणी बीते सात दशक में 'सबसे प्रभावशाली': बुगती

वॉशिंगटन (27 अगस्त): पीएम मोदी के बलूचिस्तान पर दिए गए भाषण के बाद वहां के नेताओं ने पाक के खिलाफ आवाज बुदंल कर दी है। इसी के बाद बलूचिस्तान के एक टॉप नेताओं ने पाक सुरक्षाबलों पर बलूचिस्तान में 'मानवाधिकारों का भीषण उल्लंघन' का आरोप लगाया।

'बलूच रिपब्लिकन पार्टी' के अध्यक्ष और बलूच राष्ट्रवादी नेता नवाब अकबर खान बुगती के पोते ब्रहुमदाग बुगती ने हाल में बलूचिस्तान में हालात का मुद्दा उठाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा किया। 10 साल पहले पाकिस्तानी सेना के साथ एक मुठभेड़ में नवाब अकबर खान बुगती मारे गए थे।

स्विटजरलैंड में रह रहे बुगती ने संयुक्त राष्ट्र की देख-रेख में बलूच लोगों के बीच जनमत संग्रह कराने की मांग करते हुए कहा, 'पाकिस्तान सुरक्षा बल मानवाधिकारों के बेइंतहा उल्लंघनों में शामिल रहे हैं। हम लोग किसी भी हाल में पाकिस्तान के साथ अब और नहीं रहना चाहते।'

बुगती ने अमेरिका, नेटो देशों, इजरायल और भारत सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अनुरोध किया कि वे उनकी लड़ाई में उनकी मदद करें। उन्होंने कहा कि वह पाकिस्तान सरकार के साथ वार्ता के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि आजादी के आंदोलन पर वह पीछे नहीं हटने जा रहे हैं।

बुगती ने कहा कि भारत के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मोदी की हालिया टिप्पणी बीते सात दशक में 'सबसे प्रभावशाली बयान' है। बुगती ने कहा कि बलूचिस्तान की आजादी को लेकर वह आश्वस्त हैं। उन्होंने कहा, 'यह पहली बार है जब किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने इस संबंध में बोला है। हमारा मानना है कि भारत को यह कदम बहुत पहले उठा लेना चाहिए था।'