'पाकिस्तान में सेना फिर कर सकती है तख्ता पलट'

नई दिल्ली (19 मई): पाकिस्तानी विचारकों और बुद्धिजीवियों को आशंका है कि पाकिस्तानी सेना एक बार फिर नवाज़ सरकार का तख्ता पलट करने वाली है। इससे पहले जनलर मुशर्रफ ने नवाज़ सरकार का तख्ता पलट किया था। इस बार उसी ततरह रहील शरीफ तख्ता पलट कर सकते हैं। पाकिस्तान की मानवाधिकार कार्यकर्ता असमां जहांगीर ने देश के बुद्धिजीवियों की इस आशंका को वाशिंगटन के एक कार्क्रम में व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में नागरिक सरकार के बावजूद अधिकांश फैसले सेना लेने लगी है।

रहील शरीफ के पोस्टर पाकिस्तान के शहर-कस्बों और गांव-गांव, गली-गली में चिपक नज़र आ रहे हैं। वो पाकिस्तान के नायक बन चुके हैं। पाकिस्तान के बुद्धिजीवियों ने रहील शरीफ से कहा कि वो जनता में उनकी छवि से खुश हैं, वो भी चाहते हैं कि रहील शरीफ जैसा कोई नेता हो जो उनके देश का मार्गदर्शन करे, लेकिन वो अगर फौजी शासक बन कर सत्ता संभालना चाहेंगे तो पाकिस्तान फिर से अनिश्चतता और और आर्थिक अस्थिरता के दौर में पहुंच जायेगा। उन्होंने जनरल शरीफ को सलाह दी है कि वो वर्दी उतार कर, बैलेट के जरिए देश के सदर बनते हैं तो खुशी की बात होगी।

वहीं पाकिस्तान के इन्हीं बुद्धिजीवियों का यह भी कहना है कि पाकिस्तान की  पार्टी पॉलिटिक्स का हाल रहील शरीफ बखूबी जानते हैं। पॉलिटिक्स में आते ही सेना उनके नियंत्रण से बाहर हो जायेगी। फिर रहील शरीफ को वही करना पड़ेगा जो सेना चाहेगी। इसलिए रहील सेना अध्यक्ष का पद छोड़ने से पहले ही सत्ता पलट कर सकते हैं। ताकि वो सेना और सरकार दोनों के संवैधानिक प्रमुख बने रह सकें। कहा तो यह भी जा रहा है कि रहील शऱीफ ने नवाज़ शरीफ का तख्ता पलट करने के बाद पाकिस्तान के भीतर और बाहर होने वाली प्रतिक्रिया का आंकलन भी करवा लिया है।

सेना के तख्ता पलट की स्थिति में अमेरिका सबसे बडा़ रोडा़ दिखाई दे रहा है। रहील अमेरिका की अनदेखी भी कर सकते हैं बशर्ते चीन और सऊदी अरब के साथ बाकी खाड़ी देश उन्हें समर्थन जारी रखने का आश्वासन मिल जाये। सऊदी अरब और भारत के संबंध इधर काफी मजबूत हुए हैं। पाकिस्तान में सैनिक सरकरा बनते ही भारत-पाक सीमा पर युद्ध के हालात बन सकते हैं। हालांकि पाकिस्तान, सऊदी अरब के नेत़त्व वाली संयुक्त सेना का रणनीतिक साझेदार है मगर सऊदी अब भारत पर युद्ध थोपे जाने की स्थिति में किसी भी एक देश के पाले में खड़ा नहीं होना चाहता।

हालांकि, रहील शरीफ ने सऊदी अरब के नेत़त्व वाली संयुक्त सैन्य संगठन की जगह नाटो जैसा सुन्नी मुस्लिम देशों का सैन्य संगठन बनाने का सुझाव दिया था।  जानकारों का मानना है कि अगर नाटो जैसा सुन्नी मुस्लिम देशों का सैन्य संगठन बन जाता तो रहील शरीफ पनामा पेपर्स लीक में नवाज़ शरीफ का नाम आने के तुरंत बाद सरकार का तख्ता पलट कर मुशर्रफ की तरह पाकिस्तान के सैन्य शासक बन जाते।