भारत से शांति और बातचीत चाहते हैं पाकिस्तान के सेना प्रमुख: रिपोर्ट

नई दिल्ली ( 6 मई ): पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा का मानना है कि भारत से शांति और स्थिरता के लिए सैन्य सहयोग बहुत जरूरी है। ब्रिटेन स्थित थिंक टैंक रॉयल यूनाइट्स सर्विसेज इंस्टिट्यूट ने अपनी ऐनालिटिकल रिपोर्ट में यह जानकारी दी है। रिपोर्ट के अनुसार इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ, जब बीते महीने जनरल बाजवा ने भारत के मिलिट्री अताशे संजय विश्वराव और उनकी टीम को पाक दिवस के मौके पर इस्लामाबाद में आयोजित परेड के लिए बुलाया। यही नहीं इसके दो सप्ताह बाद पाकिस्तान के सेनाध्याक्ष बाजवा ने कहा कि पाक सेना भारत से शांति और बातचीत चाहती है।रिपोर्ट में कहा गया है कि नवंबर 2016 में बाजवा के आर्मी चीफ का पद संभालने के बाद से पाक सेना के रवैये में बदलाव आया है। भारत में कई पक्षों ने पाकिस्तान मिलिट्री के इस रवैये का स्वागत किया है, क्योंकि वे मानते हैं कि यदि पाक सेना ऐसा कहती है तो वह इस फैसले को लागू भी करा सकती है। भारत के साथ पाक की हाल ही में हुई डीजीएमओ लेवल की मीटिंग में भी इस पर बात हुई थी। इस बैठक में पाक के सीनियर अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल आमिर रियाज ने हिस्सा लिया था।रिपोर्ट के मुताबिक एक अन्य पाक अधिकारी मेजर जनरल अहमद हयात ने 2013 में कथित तौर पर एक इंडिया प्लान लिखा था, जिसमें यह बताने की कोशिश की गई थी कि कब और कैसे पाकिस्तान को भारत से बातचीत करने का प्रयास करना चाहिए। आईएसआई के एनालिसिस विंग के डायरेक्टर जनरल हयात ने कहा था कि पाक सेना को भारत से तब बात करनी चाहिए, जब उसकी रक्षा कूटनीति मजबूत हो और किसी भी तरह के अमेरिकी दबाव से मुक्त हो। उन्होंने कहा, 'यह बात सही है कि आप अपने ऐसे पड़ोसी से हमेशा दुश्मनी की स्थिति में नहीं रह सकते, जो साइज में आप से छह गुना बड़ा हो। लेकिन संकेत तो सही होने चाहिए।'