UN में नवाज ने उठाया #Kashmir मुद्दा, लेकिन पीओके पर साधी चुप्पी, जानिए #PoK में PAK के अत्याचार की INSIDE STORY...

डॉ. संदीप कोहली,

नई दिल्ली (22 सितंबर): पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने उम्‍मीद के अनुरूप UN जनरल एसेंबली में एक बार फिर कश्‍मीर का राग अलापा। 19 मिनट के भाषण में शरीफ ने आधे से ज्यादा समय तक कश्मीर का जिर्क किया। कश्मीर का मुद्दा उठाते हुए एक बार फिर जनमत संग्रह कराने की मांग की। आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी को कश्मीर का युवा नेता तक बता दिया। लेकिन पूरे 19 मिनट में शरीफ ने शराफत से पाक अधिकृत कश्मीर का जिर्क तक नहीं किया। पाक अधिकृत कश्मीर यानी PoK जिसे पाकिस्तान आजाद कश्मीर कहता है, लेकिन उसे बना दिया है गुलाम कश्मीर। गुलाम कश्मीर में जनता को किसी तरह की कोई आजादी नहीं है। प्रशासन और राजनीति स्वतंत्र नहीं। इस्लामाबाद में बैठी सरकार मुजफ्फराबाद में सीधा दखल देती है। चुनाव स्थानीय लोग नहीं लड़ते बल्कि पाकिस्तान से आए सरकार के तथाकथित नुमाइंदे लड़ते हैं। गुलाम कश्मीर के स्थानीय लोगों के साथ गुलामों जैसा बर्ताव किया जा रहा है। स्वतंत्र रूप से पाकिस्तानी मीडिया के जाने पर पाबंधी है वहां। सेना की अनुमति के बगैर कोई कैमरा PoK में प्रवेश नहीं कर सकता। लेकिन इस सबके बावजूद वहां के युवा पाकिस्तान से आजादी की मांग बुलंद करते रहते है। सोशल मीडिया के माध्यम से पाक सेना के अत्याचारों की कई तस्वीरें और वीडियो दुनिया के सामने रखते हैं। यही नहीं पाक सेना और आईएसआई ने PoK को आतंक का अड्डा बना दिया है। 160 से ज्यादा ट्रेनिंग कैंपों में 700 से 800 आतंकी ट्रेनिंग ले रहे हैं। हिजबुल मुजाहिद्दीन, लश्करे तैय्यबा, जैश-ए-मोहम्मद और हरकत-उल-मुजाहिद्दीन जैसे आतंकी संगठन पाकिस्तानी सेना और आईएसआई की मदद से आतंकी तैयार कर रहे हैं। आईए जानते हैं कि पाकिस्तान ने कैसे बना दिया PoK को आतंक का गढ़...

UN जनरल एसेंबली में नवाज शरीफ ने क्या कहा... - 19 मिनट की भाषण में आधा समय कश्मीर पर बोले नवाज शरीफ। - भाषण में उरी में हुए आतंकी हमले का जिक्र तक नहीं किया। - शरीफ ने हिजबुल के आतंकी बुरहान वानी को शहीद तक बताया। - आतंकी बुरहान वानी की तारीफ करते हुए उसे कश्मीर का युवा नेता बताया।  - कहा जिसकी हत्या हुई वह यंग लीडर बुरहान वानी आज के कश्मीर की आवाज है। - नवाज ने कहा कश्मीर इश्यू के समाधान के बिना दोनों देशों के बीच शांति स्थापित नहीं हो सकती है। - इस मसले का हल UN के प्रस्ताव को लागू किए बिना नहीं हो सकता। - हम भारत के साथ बातचीत चाहते हैं लेकिन शर्तें पाकिस्तान को मंजूर नहीं है।

इन बातों से साबित हो जाता है कि जाने-अनजाने पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने दुनिया के सबसे बड़े मंच से कबूल कर लिया कि पाकिस्तान PoK से कश्मीर में आतंकियों को भेज रहा है। आतंकवादियों को सपोर्ट कर रहा है। PoK में आतंक के कैंप चला रहा है। लेकिन PoK की आम जनता का क्या हाल कर रखा है? क्यों पाक अधिकृत कश्मीर और गिलगित-बल्तिस्तान की जनता त्राहिमाम-त्राहिमाम कर रही है। जानिए #PoK में PAK के अत्याचार की एक-एक हकीकत...

पाक के कब्जे वाले कश्मीर का इतिहास... - 22 अक्टूबर 1947 में कश्मीर में पाकिस्तानी सेना ने कबायलियों की मदद से घुसपैठ की। - महाराजा हरि सिंह जो जम्मू-कश्मीर के तत्कालीन शासक थे, भारत से मदद मांगी।  - भारतीय सेना कश्मीर पहुंची, पाकिस्तानी सेना को खदेड़ा दिया गया। - अंतर्राष्ट्रीय दबाव में युद्ध विराम की घोषणा की गई। - लेकिन तबतक पाकिस्तानी सेना 13 हजार वर्ग किमी के हिस्से पर कब्जा कर चुकी थी। - जिस जगह पर दोनों सेनाओं के बीच युद्धविराम हुआ, उसे UN ने 1949 में सीजफायर लाइन घोषित किया। - इसी सीजफायर लाइन को 1972 के शिमला समझौते में LoC यानी लाइन ऑफ कंट्रोल कहा गया। - आज यह हिस्सा पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर यानी गुलाम कश्मीर कहलाता है। - 1963 में पाकिस्तान ने चाल चलते हुए इसका बड़ा हिस्सा चीन को सौंप दिया। - पाकिस्तान ने चीन को कश्मीर का 4000 वर्ग किमी का हिस्सा सौंपा। - जिस पर चीन ने कराकोरम हाइवे बनाया और अब ग्वादर पोर्ट कर सड़क और रेल मार्ग बना रहा है।

PoK की हकीकत... - PoK भारत का हिस्सा है जिसपर पाकिस्तान ने अवैध ढंग से कब्जा कर रखा है। - पाक के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) का कुल क्षेत्रफल 13,297 वर्ग किमी है। - PoK की राजधानी मुजफ्फराबाद है, पीओके में करीब 45 लाख लोग रहते हैं। - PoK को लेकर पाकिस्तान हमेशा से दोहरेपन की नीति पर चलता रहा है। - एक तरफ तो वो इसे आजाद कश्मीर कहता है तो दूसरी ओर यहां के प्रशासन और राजनीति में सीधा दखल देता है। - और तो और पीओके का शासन इस्लामाबाद से सीधे तौर पर चलाया जाता है। - पाकिस्तान के दोहरे रवैये का सबूत इसी बात से मिलता है। - PoK में प्रधानमंत्री से कश्मीर पर पाकिस्तान के नियंत्रण संबंधी हलफनामे पर दस्तखत कराया जाता है।

PoK में शांति से डरता है पाकिस्तान... - PoK के गिलगिट और बाल्तिस्तान में लोग भूख और अभावों से जूझ रहे हैं।  - वहां आतंक का राज है। पाकिस्तान शांति से डरता है, इसलिए यहां भ्रामक प्रचार कराता है।  - इस क्षेत्र के लोगों को मुख्यधारा से भी दूर रखा जाता है।  - पाकिस्तान ने अरबों रुपये खर्च कर आधे दशक से अधिक में नफरत की जो दीवार खड़ी की है, वो नहीं चाहता वो टूटे।

PAK ने PoK को बना दिया आतंक का गढ़... - सुरक्षा एजेसियों के मुताबिक पाक सेना और आईएसआई की मदद से आतंकियों के कई ट्रेनिंग कैंप चल रहे हैं। - मुजफ्फराबाद और कोटली में मौजूद हैं कुछ खास ट्रेनिंग कैंप, जिसमें तैयार हो रहे हैं आतंक की नई पौध। - गढ़ हबीबुल्लाह, तलाई मंडी, जंगल-मंगल, इलाका-ए-गैर, अल मुजाहिद्दीन कैंप, बकरेल, बांदी हजीरा। - चनी चाकोट, जाहिद्दीन कैंप, नीकीआल, अशकोट जैसे कई आतंकी कैंप PoK में चल रहे है। - कैंपों में हिजबुल मुजाहिद्दीन, लश्करे तैय्यबा, जैश-ए-मोहम्मद और हरकत-उल-मुजाहिद्दीन के आतंकी मौजूद हैं। - हाफिज सईद, सैयद सलाहुद्दीन और मौलाना मसूद अजहर जैसे आतंक के सरगना चला रहे हैं कैंप। - इस कैंपों में कश्मीर से बर्गला कर युवाओं को लाया जा रहा है।  - यहां इनका ब्रेनवॉश किया जाता है, फिर दी जाती है शारीरिक और दिमागी ट्रेनिंग। - इसके बाद PoK में LoC पर मौजूद लांच कैंप से भारत में घुसाए जाते हैं ये आतंकी। - कश्मीर के कुपवाड़ा-बारामुला से सटे काला पहाड़, महिंदा टॉप में तमाम आतंकी लांच कैंप मौजूद हैं। - इसके अलावा जम्मू के पुंछ, आरएस पुरा, राजौरी सेक्टर से भी घुसपैठ कराई जाती है। - भारत में घुसकर ये आतंकी अपने नापाक मंसूबों को अंजाम तक पहुंचाने की कोशिश करते हैं।

चीन की PoK में दखल... - चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर (सीपीईसी)योजना के तहत चीन पीओके में घुसा हुआ है। - चीन ने सीपीईसी परियोजनाओं में 46 अरब डॉलर यानी लगभग 3 लाख करोड़ रुपए निवेश किया है। - चीन की पीओके के रास्ते पाक तक ग्वादर पोर्ट सड़क और रेल लाइन बना रहा है। - PoK के गिलगिट-बल्टिस्तान में चीन ने कराकोरम हाईवे बनाया है। - चीन पाक अधिकृत कश्मीर से सिल्क रोड भी निकालना चाहता है। - ऐतिहासिक सिल्क रोड मुख्य रूप से चीन को मध्य एशिया होते हुए यूरोप से जोड़ता है।  - इसके अलावा चीन 165 किलोमीटर लंबी जगलोतस्कार्दू हाईवे बना रहा है।  - गिलगित-बलतिस्तान में चीन 135 किलोमीटर लंबी रोड बना रहा है।  - कराकोरम हाईवे पर चीन ने फौजी इस्तेमाल के लिए 16 हवाई पट्टी बनाई है।  - गिलगित-बलतिस्तान में चीन की कंपनियां फोन लाइनें बिछा रही हैं।  - दोनों देशों में सीधे संचार के लिए चीन PoK में ऑप्टिक फाइबर बिछा रहा है।