मुंबई आतंकी हमला: पाकिस्तान ने 8 साल में बदले 9 जज

नई दिल्ली(20 मई): कुलभूषण जाधव को पाकिस्तानी आर्मी कोर्ट द्वारा दी गई फांसी की सजा के बाद भारत ने जब अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) का दरवाजा खटखटाया, तो उसमें जाधव के मामले की पाक द्वारा ठीक तरह से सुनवाई ना करने का अहम पहलू भी सामने आया। जाधव के अलावा 2008 में हुए मुंबई आतंकी हमले से जुड़े केस में भी पाकिस्तान का रवैया डवांडोल है। पाकिस्तानी अदालतों की कार्यवाही और उनकी स्वतंत्रता को लेकर समय-समय पर कई सवाल खड़े होते रहते हैं। नवंबर 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमलों से जुड़े एक मामले में 7 संदिग्धों के खिलाफ पाकिस्तान में केस चल रहा है। वहां इसकी सुनवाई आंतकवाद निरोधी अदालत (ATC) कर रही है। पाकिस्तान इस मामले की सुनवाई के प्रति कितना गंभीर है, इसका पता इसी बात से चलता है कि पिछले 8 सालों में इस कोर्ट के जजों को 9 बार बदला जा चुका है। हाल ही में एक बार फिर इस कोर्ट के जज को बदला गया है। पिछले 8 सालों से यह मामला ATC के अलग-अलग जजों की कोर्ट में चक्कर काट रहा है।

- जिन सातों संदिग्धों पर ATC में केस चल रहा है, उनपर भी मुंबई हमलों में शामिल होने का आरोप है। पिछले 8 सालों में यह केस भले ही सुस्त पड़ा हो, लेकिन इसके जजों को नियमित अंतराल पर बदला जाता रहा है। कोर्ट के एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि ATC के जज को हाल ही में फिर से बदला गया है। अधिकारी ने बताया, 'ATC के जज सोहेल अकरम पिछले 2 साल से 26/11 मामले की सुनवाई देख रहे थे। अब उनका तबादला कर उन्हें पंजाब न्यायिक सेवा में भेज दिया गया है।'

- अब यह मामला जज कौसर अब्बास जैदी की अदालत में शिफ्ट हो गया है। वह पहले भी इस मामले की सुनवाई देख चुके हैं। अकरम से पहले वह ही इस मामले के जज थे। इस केस के साथ अब तक जुड़े जजों के नाम हैं- अतिकुर रहमान, शाहिद रफीक, मलिक मुहम्मद अकरम अवन और परवेज अली शाह। मालूम हो कि भारत लगातार कहता आया है कि 26/11 हमले की साजिश जमात-उद-दावा (JuD) के सरगना हाफिज सईद और लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर जकीउर रहमान लखवी ने रची थी। मुंबई हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय दबाव में पाकिस्तान ने नवंबर 2008 में हाफिज को नजरबंद भी किया था, लेकिन फिर 2009 में उसे अदालत ने इस मामले से बरी कर दिया। भारत ने पाकिस्तान को इस संबंध में कुछ सबूत भी दिए थे, लेकिन पाकिस्तान ने उन्हें खारिज कर दिया था। हाल ही में भारत ने पाकिस्तान से अपील की थी कि वह इस मामले की दोबारा जांच करे और हाफिद के खिलाफ मुकदमा चलाए। इसके जवाब में पाकिस्तान ने कहा कि अगर भारत हाफिज और लखवी के खिलाफ ठोस सबूत देता है, तो वह केस चलाने को तैयार है।