भारत के ऐतराज के बावजूद PAK-USA की F-16 डील फाइनल

वॉशिंगटन (6 मार्च): भारत के कड़े ऐतराज के बावजूद अमेरिका ने पाकिस्तान को आठ F-16 लड़ाकू विमान बेचने के सौदे को स्वीकृति दे दी। इस सौदे पर नई दिल्ली में भारत सरकार ने अमेरिकी राजदूत को तलब करके आपत्ति व्यक्त की थी।

इसी हफ्ते अमेरिकी दौरे पर गए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के विदेशी मामलों के सलाहकार ने कहा था कि उनके देश को आतंकवाद निरोधी अभियान के लिए 18 एफ-16 विमानों की जरूरत है लेकिन आर्थिक कारणों से फिलहाल वह आठ ही खरीद रहा है। जारी अधिसूचना में कहा गया है कि प्रस्तावित बिक्री अमेरिका की विदेश नीति के उद्देश्यों और राष्ट्रीय सुरक्षा के लक्ष्यों के अनुरूप है और इसके लिए दक्षिण एशिया में रणनीतिक साझेदार की सुरक्षा में सुधार के लिए मदद की जा रही है।

इस सौदे पर नई दिल्ली में भारत सरकार ने अमेरिकी राजदूत को तलब करके आपत्ति व्यक्त की थी। अधिसूचना जारी होने से कुछ ही घंटे पहले रिपब्लिकन पार्टी के सिनेटर रेंड पॉल ने साथी सांसदों से इस सौदे को रद्द कराने लिए साथ आने का आह्वान किया था। इससे पहले पाकिस्तान के आतंकवाद के प्रति समर्थन के मद्देनजर कई वरिष्ठ अमेरिकी सांसदों ने सरकार से सौदा रद करने के लिए कहा था।

इसके साथ 11 फरवरी की वह चिट्ठी भी संलग्न थी जो डिफेंस सिक्योरिटी कोऑपरेशन एजेंसी ने हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव के स्पीकर पॉल रेयान को लिखी थी। फेडरल अधिसूचना के अनुसार आठ विमान करीब 700 मिलियन डॉलर (4690 करोड़ रुपए) में मिलेंगे। इसमें कहा गया है कि पाकिस्तान की सरकार ने इसकी बिक्री के लिए अनुरोध किया था।