पाकिस्तान का अमेरिका पर आरोप- 'मतलब निकल गया तो पहचानते नहीं'

नई दिल्ली (10 जून): विदेश मामलों में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के सलाहकार सरताज अज़ीज़ ने कहा है कि अमेरिका जरूरत पड़ने पर हमारे पास आता है, मतलब न हो तो उसका रवैया बदल जाता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दो दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत की सदस्यता का समर्थन करने की घोषणा की थी।

पाकिस्तान ने इस पर अपनी  प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया था कि दक्षिण एशिया में एक देश को समर्थन  देकर एनएसजी की सदस्यता के लिए मार्ग प्रशस्त करने से सामरिक स्थिरता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।पाकिस्तानी अखबार 'डॉन' के मुताबिक इस्लामाबाद में मीडिया से एक वार्ता में  सरताज अज़ीज़ ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष का सिलसिला जारी रखने के लिए प्रयासरत है और देश में किसी भी सशस्त्र गिरोह को सहन नहीं किया जाएगा। भारतीय प्रधानमंत्री ने अमरीकी कांग्रेस में अपने भाषण में भारत-अमरीका के सुरक्षा सहयोग में वृद्धि की इच्छा प्रकट की थी।

सरताज अज़ीज़ ने कहा कि 21 मई को बलूचिस्तान में अमेरिकी ड्रोन हमले ने अफगान शांति प्रक्रिया को प्रभावित किया, पाकिस्तान की अखंडता और संप्रभुता का उल्लंघन हुआ और हम हमले की निंदा करते हैं। सरताज अज़ीज़ ने कहा कि क्षेत्र में सामरिक संतुलन के लिए प्रयास करते रहेंगे क्योंकि इसके बिना भारत के साथ संबंधों में सुधार संभव नहीं। उन्होंने कहा कि भारतीय विदेश मंत्री की  पाकिस्तान यात्रा से काफी बर्फ पिघली, लेकिन पठानकोट घटना की वजह से पाक-भारत विदेश सचिव वार्ता शुरू नहीं  हो सकी।