पाकिस्तान को 90 दिन का अल्टीमेटम, खत्म करे आतंकी संगठन, वरना...

डॉ. संदीप कोहली,

नई दिल्ली (27 फरवरी) : आतंकवादियों की 'जन्नत' बने पाकिस्तान को 90 दिनों का अल्टीमेटम मिला है। ये 90 दिन पाकिस्तान के लिए 'जियो या मरो' का सवाल बन गए है। अब पाकिस्तान को उठाना ही होगा आतंकवाद के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा कदम। अगर आतंकवाद के खिलाफ कार्यवाही में पाकिस्तान पीछे हटा तो उसकी अर्थव्यवस्था नेस्तोनाबूत हो जाएगी। यह कहना है यूएन द्वारा घोषित आतंकी समूहों की फंडिग पर नजर रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था द फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) का। FATF ने हाल ही में पाकिस्तान को एक नोटिस जारी किया है। नोटिस में पाकिस्तान को तीन महीने की मौहलत दी गई है जिसमें उसे आतंकी संगठनों जमात-उद-दावा, जैश-ए-मोहम्मद और उनके सहयोगी संगठनों को पूरी तरह बर्बाद करना होगा। उनको आर्थिक मदद पहुंचाने वाले सभी रास्तों को बंद करना होगा। पाकिस्तान को दुनिया के सामने साबित करना होगा की वो आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्यवाही कर रहा है। अगर पाकिस्तान यह साबित करने में नाकामयाब रह जाता है तो उसको मिल रही आर्थिक मदद को बंद कर दिया जाएगा। इसी नोटिस का ही नतीजा है कि पाक सरकार ने पिछले महीने जमात-उद-दावा के सरगना आतंकी हाफिज सईद को उसके घर में नजरबंद कर दिया था।

क्यों मिला पाकिस्तान को नोटिस...

    * पेरिस में पिछले सप्ताह द फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स का अधिवेशन हुआ था।

    * इस अधिवेशन में दुनियाभर के आतंकी संगठनों की फंडिग को रोकने पर चर्चा हुई।

    * जमात-उद-दावा और जैश-ए-मोहम्मद को लेकर पाकिस्तान को उठानी पड़ी फजीयत।

    * आतंकवाद के खिलाफ जंग में नाकामयाब पाकिस्तान की आर्थिक मदद रोकने पर विचार हुआ।

    * इस पर पाकिस्तान के प्रवक्ता ने टास्क फोर्स से कुछ समय की और मौहलत मांगी।

    * पाकिस्तान ने जमात-उत-दावा और जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ कार्रवाई का हवाला दिया।

    * लेकिन द फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स पाकिस्तान की बातों से संतुष्ठ नहीं दिखी।

    * अक्टूबर में पाकिस्तान ने FATF के सामने जो दावे पेश किए थे उसे खारिज कर दिया गया।

    * इसके बाद FATF ने अपने एशिया पसिफिक ग्रुप से इस संबंध में रिपोर्ट तैयार करने को कहा।

    * जिसके बाद पाकिस्तान को साफ कह दिया गया कि अगर फंडिंग चाहिए तो कार्रवाई को लेकर गंभीर हो।

    * बाद में अधिवेशन में FATF के सदस्य देशों ने पाकिस्तान को जून तक का समय और दिया।

क्या है द फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स यानी FATF...

    * FATF जी-7 देशों द्वारा 1989 में गठित मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ एक अंतर सरकारी निकाय है।

    * जिसका मकसद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनी लॉन्ड्रिंग को रोकना है।

    * लेकिन 2001 में FATF ने अपने मिशन का विस्तार कर इसमें आतंकवाद को भी शामिल कर लिया।

    * वर्तमान में इसकी सदस्यता में 34 देश तथा दो क्षेत्रीय संगठन शामिल हैं।

    * इसके अलावा, FATF कई अंतरराष्ट्रीय निकायों और संगठनों के सहयोग से काम करता है।

अमेरिका से पाकिस्तान को मिलती है आर्थिक मदद...

    * अमेरिका 2011 से पाक को 350 करोड़ डॉलर की सालाना मदद दे रहा था।

    * पांच साल में यानी 2007 के बाद यह मदद 70% तक घटा दी गई है।

    * अमेरिका का कहना है कि पाकिस्तान तालिबान को सपोर्ट कर रहा है।

    * जिसके चलते अमेरिकी और नाटो फौजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

    * पाक इस पैसों का इस्तेमाल हकीकत में तालिबान के खिलाफ नहीं करता।

    * बल्कि पैसों का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों में करता रहा है।

सैन्य मदद...

2011 : 8700 करोड़ रुपए

2015 : 2200 करोड़ रुपए

मई में F16 सौदा भी हुआ था रद्द

आर्थिक सहायता...

2011 : 8000 करोड़ रुपए

2015 : 3700 करोड़ रुपए

2002 से 2015 तक 93900 करोड़ रुपये मिले पाकिस्तान को

अमेरिका ने PAK की 100 करोड़ डॉलर कम की मदद...

    * यूएस ने पाक को दी जाने वाली सैन्य मदद घटाकर 100 करोड़ डॉलर कर दी है।

    * पेंटागन ने अगस्त 2016 में पाकिस्तान के खिलाफ कदम उठाया था।

    * आरोप लगाया कि अफगानिस्तान में आतंकवाद के खिला कार्रवाई पर्याप्त नहीं की।

    * पेंटागन ने पाक को सैन्य मदद के लिए जरूरी प्रमाणपत्र देने से इनकार कर दिया।

    * लिहाजा अमेरिकी संसद ने पाक को 350 करोड़ डॉलर की सैन्य मदद देने से इंकार कर दिया।

पाकिस्तान पर अमेरिका क्यों है इतना सख्त...

    * यह पहला ऐसा मौका है जब पाकिस्तान को अमेरिका ने सुनाई खरी-खरी।

    * अमेरिका ने सार्वजनिक तौर पर पाकिस्तान पर बैन लगाने की बात कही है।

    * पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आने वाले लोगों की होगी कड़ी निगरानी।

    * राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने प्रेसिडेंशियल कैम्पेन के दौरान पाक को खतरनाक मुल्क बताया था।

    * ट्रंप ने कहा था कि पाकिस्तान ने 9/11 के बाद अमेरिका को कई बार धोखा दिया है।

    * ट्रंप ने कहा था कि राष्ट्रपति बनने के बाद पाकिस्तान को हर गलती के लिए सजा देंगे।

    * इससे अनुमान पहले ही लगाया गया था कि वे पाक के मामले में कड़ा फैसला कर सकते हैं।

    * अमेरिकी साप्ताहिक समाचार पत्रिका 'न्यूजवीक'के मुताबिक भारत के पक्ष में मजबूती से खड़े हैं ट्रंप।

    * डोनाल्ड ट्रंप ने कैम्पेन में मोदी को महान शख्सियत और खुदको हिंदुओं का फैन बताया था।

    * डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी की तरह नारा भी दिया था अबकी बार ट्रम्प सरकार।

अमेरिका करोड़ों डॉलर लुटा चुका है पाक पर, अमेरिकी सांसद उठा चुके विरोध के स्वर...

    * अमेरिकी सांसद कहते रहे हैं कि आतंकवाद के खिलाफ वॉर में हम करोड़ों डॉलर बर्बाद कर चुके हैं।

    * हमने पाकिस्तान को जितना दिया, वो काफी ज्यादा था, उसे अब कई अन्य सोर्स जैसे चीन से मदद मिल रही है।

    * कांग्रेस सदस्य और सदन की विदेशी मामलों की उप समिति के अध्यक्ष टेड पो पाकिस्तान से जता चुके हैं अपनी नाराजगी।

    * कांग्रेस की विदेश मामलों की एशिया और प्रशांत उपसमिति के अध्यक्ष मैट सैल्मन तो यहां तक कह चुके हैं कि पाकिस्तान हमें मूर्ख बना रहा है।

    * चीन पाकिस्तान में 30 हजार करोड़ रुपए के एनर्जी और इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है।