पाकिस्तानी को दी ब्लडमनी देकर फांसी के फंदे से बचे 10 हिंदुस्तानी

नई दिल्ली (28 मार्च): संयुक्त अरब अमीरता में 2015 में एक पाकिस्तानी नागरिक की हत्या के मामले में 10 भारतीय फांसी के फंदे से बच सकते हैं क्योंकि मृतक का परिवार 2,00,000 दिरहम के बदले कथित दोषियों को माफ करने को तैयार हो गया है। भारतीय दूतावास के एक वरिष्ठ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मोहम्मद फरहान के पिता मोहम्मद रियाज ने 22 मार्च को अल ऐन अपील अदालत में पेश होकर आरोपी भारतीयों को माफ करने का सहमति पत्र जमा करा दिया।


अबु धाबी में भारतीय दूतावास में सामुदायिक मामलों के काउंसलर दिनेश कुमार ने कहा कि आरोपियों की तरफ से एक भारतीय परोपकारी संगठन ने अदालत में मृतक के परिवार को आरोपी को माफ करने की बदले में दिए जाने वाले धन (ब्लडमनी) को जमा कराया है। अदालत ने मामले को आगे की सुनवाई के लिए 12 अप्रैल तक स्थगित कर दिया है। कुमार ने कहा कि ऐसी उम्मीद है कि अदालत सजा को बदल सकती है। दिसंबर 2015 को अल ऐन में शराब की अवैध ब्रिकी को लेकर हुई लड़ाई में कथित तौर पर यह हत्या हुई थी। 


पंजाब के 11 व्यक्तियों को मामले में दोषी ठहराया गया था लेकिन एक मौत की सजा से बच गया था। इसने कहा है कि आरोपियों की ओर से ब्लडमनी देने वाले सरबत द भला चैरिटबल ट्रस्ट के अध्यक्ष एसपीएस ओबराय ने कहा कि पाकिस्तानी परिवार से माफी लेना मुश्किल काम था।