भारत के परमाणु हथियार के साथ ही अब 'हिंदुत्व' से भी डरा पाक!

नई दिल्ली ( 1 अप्रैल ): परमाणु हथियारों के इस्तेमाल पर भारत के अपनी 'नो फर्स्ट यूज' पॉलिसी में बदलाव करने के संकेतों के बीच पाकिस्तान टेंशन में है।


पाकिस्तना की टेंशन की वजह ज्यादा इसलिए बढ़ गई है कि भारत में भाजपा की अगुवाई वाली 'कट्टर हिंदुत्ववादी एजेंडे' वाली सरकार है। बता दें कि परमाणु विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध की नौबत आने पर भारत पाकिस्‍तान पर परमाणु हमला करने से पीछे नहीं हटेगा। इतना ही नहीं वह यह भी मानते हैं कि भारत की इस बदलाव वाली नीति में पाकिस्‍तान पर होने वाला परमाणु हमला इतना व्‍यापक होगा कि वह फिर कभी उठ नहीं सकेगा।


पाकिस्तान के इस टेंशन की झलक देश के जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ कमिटी के पूर्व चेयरमैन एहसान उल हक के बयान से मिलती है। हक परमाणु हथियारों को लेकर पाकिस्तान की सोच के नजदीक माने जाते हैं। पाकिस्तान के एक अखबार में प्रकाशित Disclosure about Indian N-doctrine confirms worst fears शीर्षक से छपी रिपोर्ट के अनुसार, हक ने कहा कि एक्सपर्ट्स के खुलासे से भारत के नो फर्स्ट यूज पॉलिसी के दावे की 'कलई खुल गई है।'


'लर्निंग टु लिव विद द बॉम्ब, पाकिस्तान 1998-2016' नाम की किताब के विमोचन के मौके पर हक ने कहा, 'यह चिंताजनक है कि ऐसा भारतीय जनता पार्टी की कट्टर हिंदुत्व एजेंडे वाली सरकार की पृष्ठभूमि में हो रहा है।' बता दें कि इस किताब को पाकिस्तान के स्ट्रैटिजिक प्लानिंग डिविजन के डॉ नईम सालिक ने लिखा है।


आपका बता दें कि पाकिस्तान की यह टेंशन विश्व प्रसिद्ध मेसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी ( MIT) के विद्वान विपिन नारंग के वॉशिंगटन में आयोजित इंटरनैशनल न्यूक्लियर पॉलिसी कॉन्फ्रेंस में दिए गए व्याख्यान और पूर्व भारतीय रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के बयान से बढ़ी है। नारंग ने कहा था, 'भारत का शुरुआती प्रहार पारंपरिक हमलों की तरह नहीं होगा। भारत अपने दुश्मन के छोटी रेंज के नस्र न्यूक्लियर मिसाइल सिस्टम को तबाह करने तक ही खुद को सीमित नहीं रखेगा। वह एक बड़ा और व्यापक हमला करेगा, जिसका मकसद पाकिस्तान के न्यूक्लियर हथियारों के जखीरे को पूरी तरह बर्बाद करना होगा। ऐसा इसलिए ताकि भारत को पाकिस्तान के खिलाफ बार-बार जवाबी हमले न करने पड़े और न ही उसके शहरों पर परमाणु हमलों का खतरा मंडराए। इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि भारत अब पाकिस्तान को पहले हमला करने का मौका नहीं देगा।'