पाक ने कुलभूषण जाधव के परिवार और भारत से किया क्रूर मजाक: दलबीर कौर

नई दिल्ली (26 दिसंबर): पाकिस्तान की जेल में बंद कुलभूषण जाधव पाकिस्तानी कूटनीति का नया मोहरा बन गए हैं। जाधव की मां और उनकी पत्नी से मुलाकात करके पाकिस्तान ने राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय छवि प्रस्तुत करने की कूटनीति को आगे बढ़ा दिया है। इस मुलाकात के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल का बयान बेहद अहम है। फैसल ने कहा कि पाकिस्तान ने इस मुलाकात की अनुमति इस्लामिक परंपरा के अनुसार मानवता के आधार पर दी है। भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारी और कूटनीति के जानकार इस भेंट का आशय निकालने में जुट गए हैं।

वहीं लाहौर जेल में 2013 में मारे गए बहुचर्चित भारतीय कैदी सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर ने कुलभूषण जाधव को उनकी पत्नी और मां से मुलाकात के दौरान शीशे की दीवार के आरपार बैठाने की कड़ी निंदा की है। दलबीर ने इसे पाकिस्तान का क्रूर मजाक और नाटक करार दिया है।

कौर ने कहा कि इस मुलाकात में इंसानियत का ध्यान नहीं रखा गया। उन्होंने कहा, ‘जब इतनी कड़ी सुरक्षा थी और करीबी परिजनों के बीच शीशे की दीवार थी, तो इसका क्या मतलब रहा'. पाकिस्तान में चार साल पहले अपने भाई को खो चुकी कौर ने कहा कि वह समझ सकती हैं कि जाधव का परिवार क्या सोच कर वहां गया होगा।

सरबजीत की बहन दलबीर ने कहा कि जाधव का परिवार समझ रहा होगा कि वे मुलाकात करने जा रहे लेकिन असल में इस मुलाकात का कोई मतलब नहीं रहा. उनका परिवार उन्हें गले लगाना चाहता होगा, उनसे बेरोकटोक बात करना चाहता होगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हो पाया। ऐसी मुलाकात से उनको क्या तसल्ली मिली होगी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने मुलाकात को मानवीय आधार पर दी गयी इजाजत के तौर पर पेश किया, लेकिन उन्हें परिवार को जाधव से बिना किसी बाध्यता के मिलने देना चाहिए था।

दलबीर ने कहा कि हमें पता है कि पाकिस्तान के पास इंसानियत नहीं है. पाकिस्तान ने जाधव के परिवार और हमारे देश के लोगों से क्रूर मजाक किया। मुलाकात के नाम पर नाटक रचा गया। दलबीर ने इसे पाकिस्तान का ढकोसला बताया है। दलबीर ने भी अपने भाई सरबजीत की रिहाई के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी थी लेकिन बावजूद इसके सरबजीत जिंदा स्वेदश नहीं लौट सके।