पाक उच्चायोग में रहकर डेढ़ साल से जासूसी कर रहा था ISI एजेंट, 48 घंटे में भारत छोड़ने का आदेश

नई दिल्ली ( 27 अक्टूबर ) : पाकिस्तान हाई कमीशन का अधिकारी महमूद अख्तर डेढ़ साल से आईएसआई के लिए जासूसी कर रहा था। खुफिया इनपुट के बाद दिल्ली पुलिस ने रैकेट में शामिल दो भारतीयों को भी गिरफ्तार किया है। अख्तर को डिप्लोमैटिक इम्युनिटी (राजनयिक छूट) के तहत छोड़ दिया गया है। हालांकि, उसे 48 घंटे में देश छोड़ने का ऑर्डर दिया गया है। बीएसएफ और डिफेंस से जुड़ी अहम जानकारियां पाकिस्तान भेजी गई हैं। 

अख्तर पाक सेना का पूर्व हवलदार है

दिल्ली पुलिस के डीसीपी रविंद्र यादव के अनुसार ''40 बलूच रेजिमेंट का पूर्व हवलदार महमूद अख्तर हाई कमीशन के वीजा सेक्शन में पोस्टेड था।”अख्तर वीजा अप्लाई करने वाले भारतीय लोगों को जासूसी के लिए रिक्रूट करता था। मामले में जिन दो भारतीयों को गिरफ्तार किया गया है, वो दोनों राजस्थान के नागौर के रहने वाले हैं। मौलाना मदरसे में तालीम देता है। सुभाष जांगिड़ किराने की दुकान चलाता है। दोनों को जासूसी के ऐवज में पैसा मिलता था। अख्तर के पास डिफेंस से जुड़े कई सीक्रेट डॉक्युमेंट्स मिले।''

ऐेसे हुई गिरफ्तारी

डीसीपी के मुताबिक, ''25 अक्टूबर को जानकारी मिली कि ये लोग दिल्ली जू में अख्तर को डॉक्यूमेंट्स सौंपने वाले हैं। अगली सुबह यानी 26 अक्टूबर को तीनों को रंगेहाथ पकड़ा गया।'' 

अख्तर ने महमूद राजपूत नाम से चांदनी चौक के पते पर फर्जी आधार कार्ड बनवा रखा था। शोएब नाम के आरोपी की तलाश जारी है। ये जोधपुर में पासपोर्ट और वीजा बनाने का काम करता है। शोएब ने ही मौलाना और सुभाष को अख्तर से मिलवाया था। आरोपियों से बीएसएफ के मूवमेंट और बॉर्डर एरिया के मैप बरामद किए गए हैं। वीजा और पैसों के लेनदेन के कुछ दस्तावेज भी हाथ लगे हैं।

-हाई कमीशन के और भी अधिकारी जासूसी रैकेट में शामिल हो सकते हैं। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है। -भारत ने कहा- आरोपी अफसर को वापस भेजे पाकिस्तान - इस मामले में विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के हाई कमिश्नर अब्दुल बासित को तलब किया है। - विदेश सचिव ने अब्दुल बासित से मुलाकात की। अख्तर के रोल की जानकारी दी गई। - भारत ने अख्तर को 'पर्सोना नॉनग्राटा' घोषित कर दिया।  - इसका मतलब यह हुआ है कि किसी देश में उस अधिकारी की मौजूदगी, जिसे वहां का देश नहीं रखना चाहता हो। - वहीं, दिल्ली पुलिस ने इस मामले में विदेश मंत्रालय को रिपोर्ट भेजी है। - क्राइम ब्रांच ने होम मिनिस्टर राजनाथ सिंह और एलजी नजीब जंग को भी ब्रीफ किया है।  

सप्ताहभर से नजर रखे हुई थीं एजेंसियां

- एक हफ्ते से इंटेलिजेंस ब्यूरो इनके पीछे लगा था। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इन्हें हिरासत में लिया है। - बताया जा रहा है कि इस पाक अधिकारी की पोस्टिंग पिछले साल हुई थी। ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के गिरफ्तारी हुई है।