चिड़ियाघर में बैठकर भारतीय सेना की मूवमेंट की जानकारी लेता था पाकिस्तानी एजेंट

नई दिल्ली ( 27 अक्टूबर ) : दिल्ली पुलिस ने देश में पाकिस्तान की जासूसी के बड़े रैकेट का खुलासा किया है। दिल्ली पुलिस ने पाक हाई कमीशन के वीजा सेक्शन में काम करने वाले स्टाफ महमूद अख्तर को चिड़ियाघर से रंगे हाथ पकड़ा। साथ ही दो भारतीय भी गिरफ्तार हुए हैं। पुलिस ने बताया कि पाक का यह डिप्लोमैट पाकिस्तानी आर्मी में रह चुका है और आईएसआई के लिए काम करता है। वो जू, होटल, पार्क जैसे पब्लिक जगहों पर बुलाकर फोर्स मूवमेंट की जानकारी लेता था। उसके पास से फर्जी आधार कार्ड भी मिला है, जो उसने चांदनी चौक के एक पते के नाम पर बनवा रखा था।

-डेढ़ साल से पाकिस्तानी हाई कमीशन से यह जासूसी हो रही थी। दिल्ली पुलिस 6 महीने से हर मूवमेंट को ट्रेस कर रही थी।  

 ऐसे जासूसी का प्लान बनाती है ISI...

- पाक हाई कमीशन के वीजा सेक्शन में काम करने वाला अख्तर वीजा एप्लिकेशन के लिए आने वालों को फंसाता था। - गरीब और बेहद जरूरतमंदों को पैसे का लालच देकर ISI के लिए काम करने को कहता था। - भारतीय जासूसों को रिक्रूट कर फोर्स मूवमेंट की सीक्रेट जानकारी हासिल करता था। - एक महीने में एक बार किसी पब्लिक जगह पर जाता था। पैसों के बदले दस्तावेज लेता था।

 पुलिस ने कैसे ऑपरेशन चलाया... - दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट सीपी रवींद्र यादव ने कहा-25 अक्टूबर को सूचना थी कि दिल्ली के चिड़ियाघर में ये लोग मिलकर दस्तावेज और पैसों का लेनदेन करने वाले हैं। - 26 अक्टूबर की सुबह दस बजे चिड़ियाघर से तीन लोगों को पकड़ा गया। पूछताछ में तीनों ने खुद को भारतीय बताया।

अख्तर आया ऐसे गिरफ्त में... - अख्तर पाक आर्मी की 40 वीं बलूच रेजीमेंट में हवलदार था। 3 साल पहले ISI ने उसे रिक्रूट किया, ट्रेनिंग दी। - उसे साजिश के तहत दिल्ली पाक हाईकमीशन के वीजा सेक्शन में भेजा गया। - जब दिल्ली पुलिस ने बुधवार सुबह चिड़ियाघर से पकड़ा तो उसने चांदनी चौक के पते पर बने आधार कार्ड का हवाला देते हुए खुद को भारतीय बताया। - जासूसी के शक पर जब उससे कड़ी पूछताछ की गई तो वह टूट गया। उसने खुद को मिली डिप्लोमैटिक इम्यूनिटी का हवाला दिया। - इसके बाद पुलिस ने विदेश मंत्रालय से संपर्क साधा और पाक हाई कमीशन से आए अधिकारियों ने उसकी पहचान की।

ये भारतीय अरेस्ट हुए... - मौलाना रमजान और सुभाष जांगिड़ को अरेस्ट किया गया है। दोनों राजस्थान के नागौर के रहने वाले हैं। - सुभाष किराने की दुकान चलाता है। कर्ज की वजह से पैसों की लालच में जासूसी की बात कबूल की। - रमजान मदरसे में पढ़ाता है।

क्या जानकारी दुश्मनों को देते थे... - अख्तर बॉर्डर क्षेत्र में आर्मी-बीएसएफ की तैनाती से जुड़ी जानकारी हासिल करता था। - उसके पास से बीएसएफ के मूवमेंट और बॉर्डर एरिया के मैप मिले हैं। वीजा और पैसों के लेनदेन के कागज मिले हैं। - ज्वाइंट सीपी ने बताया कि इन लोगों ने बीएसएफ के रिटायर्ड और ट्रांसफर्ड अफसरों की भी जानकारी जुटा ली थी।