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कश्मीर पर नाकाम कुरैशी टीवी एकंर पर भड़के, बोले किसके एजेंडे पर काम कर रहे हो- VIDEO

पाकिस्तान के हुक्मरानों से वहां की जनता अब सवाल करने लगी है। कश्मीर पर अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटा पाने में विफल होने के लिए विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी निशाने पर आ गए हैं। कश्मीर से जुड़े एक ऐसे

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (4 अक्टूबर): कश्मीर मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में पाकिस्तान को मिली नाकामी का मुद्दा अब उसके यहां उठने लगा है। पाकिस्तान के हुक्मरानों से वहां की जनता अब सवाल करने लगी है। कश्मीर पर अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटा पाने में विफल होने के लिए विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी निशाने पर आ गए हैं। कश्मीर से जुड़े एक ऐसे ही सवाल पर कुरैशी अपना आपा खो बैठे। दरअसल, एक टीवी न्यूज चैनल में बहस के दौरान टॉक शो के एंकर ने उनसे सवाल किया कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में 58 देशों का समर्थन होने के प्रधानमंत्री इमरान खान के बयान का उन्होंने समर्थन किया था जबकि हकीकत इसके उलट थी। इस सवाल पर कुरैशी भड़क गए।

पाकिस्तानी न्यूज चैनल पर कुरैशी से सवाल हुआ कि कश्मीर मसले पर 58 देशों का समर्थन हासिल होने का पीएम इमरान खान के बयान का उन्होंने लगातार समर्थन किया लेकिन असलियत कुछ और थी। देशों का समर्थन न मिलने से पाकिस्तान यूएनएचआरसी में प्रस्ताव नहीं ला सका। इस पर कुरैशी ने आपा खोते हुए टीवी एंकर से सवाल किया, 'आप किसके एजेंडे पर काम कर रहे हैं? क्या आप हमें बताने जा रहे हैं या बताएंगे कि संयुक्त राष्ट्र में किस देश ने हमारा समर्थन किया या किस ने नहीं किया? आप जो चाहें वह लिख सकते हैं।'यूएनएचआरसी के 47 सदस्य हैं जबकि इमरान खान ने 58 देशों का समर्थन मिलने की बात कही थी। खान के इस ट्वीट का मजाक भी उड़ा। इस बारे में पूछे जाने पर कुरैशी ने सफाई देते हुए कहा, 'यह बात सच है कि यूएनएचआरसी में 47 सदस्य हैं लेकिन वहां और भी देशों के नुमाइंदे होते हैं। पाकिस्तान को उनका भी समर्थन मिला।'

टीवी एंकर के इस सवाल पर कि उन्होंने 58 देशों का समर्थन हासिल होने के बारे में ट्वीट किया था। इस पर विदेश मंत्री ने टीवी एंकर से अपना ट्वीट दिखाने के लिए कहा। खान ने कहा कि कश्मीर मसले पर उन्होंने जो कहा था, अपने उस रुख पर वह आज भी कायम हैं। कुरैशी ने कहा, 'आप मेरा ट्वीट दिखाएं। मैं अपना ट्वीट देखना चाहता हूं। मैं अपनी बात पर आज भी कायम हूं। यहां मुझे हैरानी हो रही है...आप किसके एजेंडे पर काम कर रहे हैं।'  

भारत सरकार ने गत पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को खत्म कर दिया। इस फैसले के बाद पाकिस्तान बौखला गया। इसके बाद उसने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर का मुद्दा उठाने की कोशिश की है लेकिन उसे हर मोर्चे पर नाकामी मिली। यूएन में प्रधानमंत्री इमरान खान ने कश्मीर में कथित मानवाधिकार का मसला उठाया लेकिन उनकी बातों का कोई असर नहीं हुआ। दुनिया के देश कश्मीर पर पाकिस्तान के रुख को समझ गए हैं। अमेरिका ने सवाल किया कि पाकिस्तान कश्मीर के मुसलमानों के मानवाधिकारों की बात तो कर रहा है लेकिन वह चीन के उइगर मुसलमानों पर चुप क्यों है?

Images Courtesy:Google

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