पाकिस्तान में रह रहे हिंदुओं के लिए बहुत बड़ी खबर

नई दिल्ली(19 सितंबर): कई दशकों के विलंब के बाद पाकिस्तान सरकार द्वारा इस महीने के अंत में संसद के आगामी सत्र में 'हिंदू विवाह अधिनियम' को पेश करने की संभावना है। मीडिया में आई एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। 

- मानवाधिकार मंत्री कामरान माइकल ने कहा कि इस ऐतिहासिक विधेयक के जरिए हिंदू समुदाय के प्रमुख मुद्दों का हल होने की उम्मीद है। इसमें विवाह पंजीकरण, तलाक और जबरन धर्म परिवर्तन जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं। 'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की खबर के मुताबिक माइकल द्वारा विधेयक को संसद के अगले सत्र में पेश किए जाने की संभावना है।

- उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक दिन होगा और इसका श्रेय विपक्ष और सत्तारूढ़ पार्टियों दोंनों को जाता है। उन्होंने 9 सितंबर को विधेयक पेश करने की कोशिश की थी, लेकिन कुछ अल्पसंख्यक सांसद सदन में मौजूद नहीं थे और विषय को अगले सत्र के लिए टाल दिया गया जो सितंबर के आखिरी हफ्ते में शुरू होगा। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के अल्पसंख्यक सांसद लाल चंद मालही ने विधेयक की सराहना की और कहा कि उनका मानना है कि सरकार और विपक्षी पार्टियों को ऐसे विधान पर अवश्य जोर देना चाहिए।