काबुल में दिल्ली के दखल पर पाकिस्तान का स्यापा

नई दिल्ली ( 21 सितंबर ): पाकिस्तान को आतंकियों की महफूज पनाहगाह बताकर अमेरिका ने इस्लामाबाद के आतंकी चेहरे को बेनकाब ही नहीं किया बल्कि अफगानिस्तान में भारत की भूमिका बढ़ाने की बात कहकर उसकी दुखती रग हाथ रख दिया है। क्यों कि अफगानिस्तान में भारत का दखल न होता तो पाकिस्तान तालिबान की आड़ में अफगानिस्तान के बड़े भूभाग पर ठीक उसी तरह कब्जा कर लेता जैसे उसने बलूचिस्तान को जबरन हड़प लिया था। बहरहाल, पाकिस्तान अपनी बिलबिलाहट को छिपा नहीं सका और प्रधानमंत्री शाहिद खाकन अब्बासी ने यूएन के मंच के अलावा अमेरिकी उपराष्ट्रपति माइक पेंस के सामने भारत की भूमिका का दुखड़ा रोया। हालांकि, अपने पूर्ववर्तियों की नीतियों पर चल रहे शाहिद खाकन अब्बासी को हर तरफ से मायूसी ही मिली और लौट के बुद्धू घर को वापस आ गये।