'शरिया कोर्ट' चलाने पर जमात-उद-दावा को लाहौर हाईकोर्ट का नोटिस

नई दिल्ली (20 अप्रैल): पाकिस्तान के एक कोर्ट ने जमात-उद-दावा को तालिबान की शैली में देश में एक समानांतर न्यायिक व्यवस्था चलाने के लिए  नोटिस जारी किया है। यह संगठन 2008 के मुंबई हमलों के 'मास्टरमाइंड' हाफिज़ सईद संचालित करता है। 

अंग्रेजी अखबार 'द हिंदू' की रिपोर्ट के मुताबिक, लाहौर हाईकोर्ट जस्टिस शाहिद बिलाल हसन ने मंगलवार को संगठन के काज़ी हाफिज इदरीस, सेक्रेटरी इंटीरियर, संघीय कानून मंत्री, पंजाब के मुख्य सचिव, पंजाब के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस और लाहौर पुलिस चीफ को भी नोटिस जारी कर उन्हें 26 अप्रैल तक जबाब दाखिल करने के लिए कहा है।

गौरतलब है, तालिबान के रास्ते पर चलते हुए जमात-उद-दावा ने हाल ही में शरिया कोर्ट स्थापित किया। जिससे "आसान और जल्दी" न्याय किया जा सके। पंजाब में यह अपने तरह की पहली न्याय व्यवस्था है। 

"दारूलकज़ा शरिया" के नाम से जानी जाने वाली अदालत एक समानांतर निजी न्यायिक व्यवस्था है। जिसे प्रमुख तौर पर लोगों को आसान और तेज गति से न्याय प्रदान करने के लिए स्थापित किया गया है। याचिकाकर्ता खालिद सईद ने कोर्ट को बताया कि उन्हें 'दारूल कज़ा अल शरिया' के लेटर पैड पर लिखे समन प्राप्त हुए हैं। जिसमें उनसे शरिया की अदालत में पेश होने के लिए निर्देश दिए गए हैं।

सईद ने कहा कि उन्हें काज़ी इदरीस की तरफ से टेलीफोन कॉल्स भी आए हैं। जो जमात-उद-दावा की अदालत में जज के तौर पर काम करते हैं। याचिकाकर्ता ने कहा कि उन्होंने गैरकानूनी समन के खिलाफ सरकार के पदाधिकारियों, रिस्पॉन्डेंट्स और पाकिस्तान के चीफ जस्टिस को एप्लीकेशन्स भेजी है। लेकिन उन्हें उनकी तरफ से कोई भी प्रतिक्रिया नहीं मिली है। 

उन्होंने कोर्ट से मामले में कार्रवाई के लिए अधिकारियों को आदेश देने की अपील भी की है। इसके अलावा संगठन के खिलाफ गैरकानूनी कृत्य करने और संविधान के समानांतर न्यायिक व्यवस्था बनाकर अशांति फैलाने के लिए कार्रवाई करने के लिए भी कहा है।