उरी हमलाः अपनी ही बुने जाल मे फंसा पाक, अब बचना मुश्किल

नई दिल्ली (22 सितंबर):  उरी में इंडियन आर्मी बेस पर आतंकी हमले के बाद से पाकिस्तान अपनी ही रणनीति में इंटरनैशनल लेवल पर बुरी तरह से फंसता गया है। वह और बुरा घिर गया है। बुधवार को यूनाइटेड नेशन की जनरल असेंबली में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने आतंकी बुरहान वानी को कश्मीर की आवाज कहा था। इसके बाद भारत ने कड़ी आपत्ति जताते हुए पाकिस्तान आतंकी राष्ट्र करार दिया। अब अमेरिका ने भी पाकिस्तान से कहा है कि वह उरी में आतंकी हमले की जांच में नई दिल्ली का सहयोग करे।

अमेरिका ने पाकिस्तान से दो टूक कहा कि वह आतंकियों पर कार्रवाई को लेकर कोई बहानेबाजी न करे। यूएस ने कहा कि पाकिस्तान आतंकियों पर प्रभावी ऐक्शन ले। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने यूनाइटेड नेशन जनरल असेंबली में अलग से मुलाकात की थी।  अमेरिका ने भी इस मामले में भारत को जांच में मदद मुहैया कराने की पेशकश की है। अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने कहा, 'हमलोग इस मामले में अगली सूचना का इंतजार कर रहे हैं। हमने भारतीय सरकार से इस मामले में मदद की पेशकश की है। इसके साथ ही हमने पाकिस्तान से भी कहा है कि वह नई दिल्ली के साथ सहयोग करे।'

दूसरी तरफ नवाज शरीफ चाहते थे यूनाइटेड नेशन से उन्हें कश्मीर राग पर समर्थन मिले लेकिन यूएन चीफ ने अपनी स्पीच में कश्मीर का जिक्र तक नहीं किया। इसके बाद शरीफ ने यूएन चीफ बान की मून से मुलाकात की। इस मुलाकात में भी उन्होंने अलग से कश्मीर का मुद्दा उठाया। पाकिस्तान की ओर से संयुक्त में बार-बार अनुरोध किए जाने पर संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की-मून ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से कहा कि पाकिस्तान और भारत को कश्मीर समेत अपने लंबित मुद्दे 'वार्ता' के जरिए सुलझाने चाहिए।