PM मोदी के बलूचिस्तान जिक्र से बौखलाया PAK, समर्थन करने वाले बलूच नेताओं पर FIR

नई दिल्ली (22 अगस्त): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 70वें स्वतंत्रता दिवस पर बलूचिस्तान का जिक्र क्या किया, पाकिस्तान इतना बौखला गया करीमा बलोच समेत 3 नेताओं के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। करीमा वही हैं जिन्होंने मोदी को रक्षाबंधन की बधाई दी थी और बलूच महिलाओं का भाई बताया था। करीमा बलोच के अलावा जिन दो अन्य नेताओं पर केस दर्ज हुआ है, वे ब्रहमदाग बुगती और हरबियार मारी हैं। इन तीनों नेताओं को खिलाफ 5 लोगों ने शिकायत की थी। शिकायत के आधार पर खुजदार इलाके के 5 पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है।

- तीनों बलूच नेताओं को पाकिस्तान पीनल कोड के सेक्शन 120, 121, 123 और 353 के तहत केस दर्ज किया गया है। - इन धाराओं के तहत इन नेताओं को जेल हो सकती है, क्योंकि ये पाक के खिलाफ युद्ध छेड़ने की कोशिश का आरोप है। - शिकायत करने वालों का दावा है कि बलूच नेताओं ने मोदी की 15 अगस्त की स्पीच का सपोर्ट किया था। - फिलहाल तीनों एक्टिविस्ट पाकिस्तान से बाहर रहकर पूरे आनंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं।

क्या बोलीं थीं करीमा बलोच... बलूचिस्तान की एक एक्टिविस्ट करीमा बलोच ने कहा थी, बलूचिस्तान की एक बहन आपको भाई मानकर कुछ कहना चाहती है। मेरा नाम करीमा बलोच है। मैं बलूचिस्तान स्टूडेंट्स एसोसिएशन की चेयरपर्सन हूं। हमारे लोग पाकिस्तानी आर्मी के हाथों मारे गए हैं या कई लापता कर दिए गए हैं। बलूचिस्तान की कई बहनें अपने भाइयों की राह ताक रही हैं। शायद वो कभी लौट कर न आएं और बहनों का इंतजार शायद कभी खत्म ही न हो। लेकिन इस दिन (रक्षाबंधन) के हवाले से ये कहना चाहती हूं कि बलूचिस्तान की सभी महिलाएं आपको भाई मानती हैं। आपसे ये भी दरख्वास्त करती हैं कि आप यहां जेनोसाइड और ह्यूमन राइट्स वॉयलेशन के खिलाफ इंटरनेशनल फोरम पर बलूचिस्तान की आवाज बनेंगे। बलूचिस्तान की उन बहनों की आवाज बनेंगे, जिनके भाई लापता हैं। करीमा ने कहा, "हम अपनी जंग खुद लड़ेंगे। हम चाहते हैं कि आप हमारी जंग की आवाज बन जाएं और दुनिया के हर कोने में उस आवाज को पहुंचाएं।"  गुजराती में मोदी को दिए संदेश में करीमा कहती हैं- "जिस तरह आप बलूचिस्तान के लोगों के लिए खड़े हुए हैं, उसके लिए हम आपको बहुत-बहुत धन्यवाद देते हैं।

मोदी ने उठाई थी बलूचिस्तान में मानवाधिकार उल्लंघन की बात... बता दें कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले से पाक अधिकृत कश्मीर, बलूचिस्तान और बालिस्तान में मानवाधिकार उल्लंघन की बात उठाई थी। उन्होंने कहा था कि मेरे प्रति बलूचिस्तान और बालिस्तान के लोगों द्वारा जताए गए समर्थन का मैं आभार व्यक्त करता हूं।  मोदी ने लाल किले से दी स्पीच में कहा था, पिछले कुछ दिनों में बलूचिस्तान, गिलगित, पाक के कब्जे वाले हिस्से के लोगों ने मुझे बहुत-बहुत धन्यवाद दिया है। मेरा आभार व्यक्त किया है। मेरे प्रति सद्भावना जताई है। दूर-दूर बैठे लोग हैं। जिस धरती को मैंने देखा नहीं, जहां के लोगों से कभी मुलाकात नहीं हुई, वे प्रधानमंत्री का आदर करते हैं तो ये मेरे सवा सौ करोड़ देशवासियों का सम्मान है। मैं गिलगित, बलूचिस्तान और पाक के कब्जे वाले कश्मीर के लोगों का तहे दिल से शुक्रिया अदा करना चाहता हूं।