CPEC: पाक ने चीन को दी घुड़की, 22 करोड़ सालाना दो वरना नहीं करेंगे हिफाजत



नई दिल्ली ( 5 अगस्त ): अभी नवाज़ शरीफ को कुर्सी गंवाय हफ्ता भी नहीं बीता है कि चीन और पाकिस्तान में सीपेक को लेकर शंका और सशंय उभरने लगे हैं। चीन के 51 अरब डॉलर डूबते नजर आ रहे हैंं। चीन के सामने अब दो ही रास्ते हैं। पहला यह कि वो पाकिस्तान को अशांत घोषित कर पूरे सीपेक पर कब्जा कर ले या फिर वो पाकिस्तान की ब्लैकमेलिंग को बर्दाश्त करता रहे। पाकिस्तान की ब्लैकमेलिंग का ताजा उदाहरण यह है कि  पाकिस्तान ने चीन से कहा है कि सीपेक के तहत बन रहे पावर प्रोजेक्ट्स की सुरक्षा पर हो रहे लगभग 22 करोड़ रुपये सालाना खर्च की भरपायी करे अन्यथा वो उनकी हिफाजत नहीं कर पायेगा। पाकिस्तान ने सीपेक के तहत बन रहे 19 पॉवर प्रोजेक्ट्स को चिन्हित कर एक लाख पचास हजार डॉलर प्रति पोजेक्ट प्रोटेक्शन कॉस्ट मांगी है।

पाकिस्तान ने कहा है कि यह कॉस्ट पहले साल के लिए है। इसके बाद इस कॉस्ट में 3 प्रतिशत सालाना बढ़ोतरी करनी होगी। पाकिस्तान की तरफ से ऐसी ही कुछ और दिक्कतें आने पर चीन के सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने भी लिखा है कि नवाज शरीफ के  इस्तीफे के बाद 51 अरब डॉलर वाले चीन-पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर पर कुछ अनिश्चितता के बादल छा सकते हैं।