GST: सीमेंट और पेंट को बताया लग्जरी, ग्रेनाइट व डियो पर टैक्स किया कम

नई दिल्ली (10 नवंबर): जीएसटी परिषद की बैठक में 177 सामानों को 28 फीसदी कर से बाहर किया गया है। अब सिर्फ इस दायरे में 50 वस्तुओं को रखा गया है, जबकि पहले इनकी संख्या 227 थी। बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि आम लोगों के प्रयोग में होने वाली चीजों को 28 फीसदी जीएसटी कर से बाहर किया गया है।

जीएसटी में व्यापारियों और आम लोगों को 0,5,12, 18 व 28 प्रतिशत टैक्स देना होता था, जो 1 जुलाई 2017 से लागू हुआ था। हालांकि इसके बाद जीएसटी परिषद की बैठकों में कई चीजों पर लगने वाले टैक्स रेट को संशोधित किया गया और अभी तक इसके सबसे बड़े 28 फीसदी टैक्स दायरे में 227 सामान आते थे। लेकिन जीएसटी परिषद की 23वीं बैठक में उसमें से 177 सामान को इससे बाहर कर दिया गया। अब मात्र 50 सामाना ही 28 फीसदी के स्लैब में रहेंगे।

च्वाइंग गम, मैकअप का सामान, शेविंग और शेविंग के बाद प्रयोग होने वाली चीजें, शेंपू, डियोडरेंट, वाशिंग पाउडर, ग्रैनाइट और मार्बल हो 28 फीसदी से बाहर कर दिया गया है। अब लोगों को इनपर सिर्फ 18 फीसदी टैक्स देना होगा। हालांकि जीएसटी परिषद ने सीमेंट और पेंट को 28 फीसदी वाले स्लैब में ही रखा है।

इसी के साथ जीएसटी परिषद ने माना है कि एसी और वाशिंग मशीन भी लग्जरी सामानों की श्रेणी में आता है, इसलिए इनपर भी 28 फीसदी की दर से टैक्स लगेगा। जीएसटी परिषद के इस फैसले से सरकार के ऊपर करीब 20,000 करोड़ रुपये सालाना का भार पड़ेगा।